फर्रुखाबाद। जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से संचालित मदरसों में हास्टलर छात्रवृत्ति घोटाले का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है। अब दूसरा भी घपले का मामला सामने आ गया। वर्ष 2013 से 2016 तक आधुनिकीकरण व छात्रवृत्ति के नाम पर जमकर खेेल हुआ। शिकायत पर जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है।
जनपद में दो अनुदानित व 54 आधुनिकीकरण मदरसों को सरकार से अनुदान मिलता है। इनमें छात्रवृति के अलावा शिक्षकों का मानदेय भी सरकार देती है। जिलाधिकारी से शिकायत की गई कि वर्ष 2013 से वर्ष 2016 के बीच अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से आधुनिकीकरण मदरसों में अनुदान की चेक के जरिए लाखों के वारे-न्यारे किए गए हैं। सरकारी धन का बंदरबांट हुआ है। कई मदरसों में फर्जी पंजीकरण दिखा छात्रवृत्ति आहरित कर ली गई।
शिक्षकों के मानदेय में भी हेराफेरी की गई। जांच कमेटी में कोषाधिकारी, पीडी डीआरडीए व जिला कृषि अधिकारी को शामिल किया गया है। 33 मदरसों में बिना हास्टल सुविधा के 1536 छात्रों की हास्टलर छात्रवृत्ति आहरित कर करोड़ों के खेल की जांच शासन से कराई गई थी। इस मामले में संबंधित मदरसा संचालक व प्रधानाचार्यों के खिलाफ एफआईआर भी हो चुकी है। अभी मदरसों से रिकवरी नहीं की जा सकी है।