फर्रुखाबाद। जानलेवा हमले के चार दोषियों को जनपद न्यायाधीश नीरज कुमार ने मंगलवार को सात वर्ष की सजा सुनाई। चारों दोषियों पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
थाना जहानगंज क्षेत्र के ग्राम रतनपुर निवासी रामबाबू ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। कहा कि 15 जून 2016 को दोपहर करीब तीन बजे वह अपने घर पर थे। उसी दौरान थाना जहानगंज के गांव रतनपुर निवासी नीरज, मोहम्मदाबाद के गांव अलीदादपुर निवासी अनूप सिंह व उनके भाई अनिल सिंह तथा जनपद हाथरस थाना सिकंदराराऊ के गांव जिरौली निवासी नीरज का भांजा टीपू वहां पहुंचा और रास्ते में निहास खोदकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया। रास्ता बंद करने का विरोध करने पर रामबाबू, उनकी पत्नी राजबेटी और पुत्री सरोज को आरोपियों ने लाठी-डंडों व तमंचों की बटों से पीटा।
शोर सुनकर पुत्र सचिन बचाने आया तो उसे तमंचे से गोली मारी दी जो उसके पेट में लगी। फायरिंग के दौरान पास में लगे हैंडपंप पर पानी भर रही गांव निवासी जयराम की पत्नी बिट्टन को भी छर्रे लगे। ग्रामीणों ने घायलों को इलाज के लिए फर्रुखाबाद के अस्पताल पहुंचाया। मामले में कोर्ट ने सोमवार को चारों आरोपियों को दोषी करार दिया था। मंगलवार को चारों को सात वर्ष कैद की सजा सुनाई। इसके अलावा दोषी अनिल को अवैध शस्त्र रखने के जुर्म में तीन वर्ष कैद की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।