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Farrukhabad News: चार मकान गंगा में समाए, 13 के पास कटान तेज

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फर्रुखाबाद। गंगा की तेज धार का कहर दिलीप की मड़ैया में जारी है। शुक्रवार को चार और मकान गंगा में समा गए जबकि 13 मकान धार के मुहाने पर हैं। इस साल की बाढ़ में अब तक 12 परिवार अपना आशियाना गंवा चुके हैं। पिछली साल बाढ़ में गिरी पानी की टंकी की बची बाउंड्रीवाल भी जमींदोज हो गई। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि इसी तरह कटान हुआ तो सोमवार तक गांव का अस्तित्व खत्म हो जाना तय है।
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सदर तहसील के दिलीप की मड़ैया में शुक्रवार सुबह कटान में जंग बहादुर, वीरभान, उदयवीर और स्व. वेदराम की पत्नी राधा का मकान गंगा में समा गया। इसके अलावा पूरन लाल, उनके पुत्र राजू व रजनेश, स्व. अमर सिंह की पत्नी बेलवती, पुत्र सत्यवीर, प्रेमचंद्र व उनके पुत्र श्यामनंद, रंजेश, विनोद, स्व. गंगा सिंह की पत्नी प्रेमलता, मोरपाल, धर्मपाल व नरवीर के मकान गंगा के मुहाने पर हैं। इनमें कई मकान आधे गिर भी चुके हैं। लेखपाल रामबरन ने बताया कि चार मकान गिरे हैं। उदयवीर के पास आधार कार्ड व बैंक में खाता नहीं है। लिहाजा तीन मकान मालिकों को मुआवजा देने के लिए आवेदन ऑनलाइन कर दिया है। शनिवार शाम तक खाते में रुपये पहुंच जाएंगे। 13 मकान कटान की कगार पर हैं।






मकान को गिरता देख आंखों में आंसू
फर्रुखाबाद। दिलीप की मड़ैया निवासी वेदराम की कई साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनकी पत्नी राधा और एक पुत्र वीरभान रहते थे। वीरभान के शराब का आदी होने की वजह से राधा खुद खेतों में मेहनत करके अपना पेट भरती थी। ग्रामीणों के अनुसार शुक्रवार सुबह के समय अचानक गंगा की उल्टी धार से इतनी तेज कटान शुरू हुआ कि चंद मिनट में ही राधा का मकान उनकी आंखों के सामने अथाह जल में समा गया। गनीमत रही कि उन्होंने घरेलू सामान निकालकर दूसरी जगह रख लिया था। दिन-रात मेहनत कर बनाया गया आशियाना अपनी आंखों के सामने गिरता देख राधा के आंसू गिरने लगे। मगर वह कुछ न कर सकी। आसपास की महिलाओं ने उन्हें सांत्वना दी। (संवाद)
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बाबा दुलारे दास का आश्रम भी खत्म : गांव में ब्रह्मलीन बाबा दुलारेदास महाराज का आश्रम है। इस समय उनके शिष्य बाबा बालकदास सेवा कर रहे थे। देर शाम तक आश्रम में खड़ा पीपल का विशालकाय पेड़ और अधिकांश हिस्सा गंगा में समा गया। इससे आश्रम का भी अस्तित्व खत्म हो गया।
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