शमसाबाद। थाना क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव समैचीपुर चितार में गंगा का कटान लगातार तेज होता जा रहा है। इसकी चपेट में आकर चार पक्के मकान गंगा में समा गए। गंगा का जलस्तर बढ़ने से शनिवार को फिर बाढ़ का पानी चौरा गांव के सामने शमसाबाद-शाहजहांपुर मार्ग पर बहने लगा। डेढ़ से दो फीट पानी बहने के बाद भी दोपहिया वाहन चालक जान जोखिम में डालकर पार कर रहे हैं।
गांव समैचीपुर चितार के दिलदार का मकान शुक्रवार को भरभराकर गंगा में गिर गया। इसके अलावा जुमन मियां, इमरान और इबली के मकान भी कटान के चलते गंगा में समा गए। वहीं नौशाद और मेशाद की झोपड़ी भी गंगा में बह गईं। इससे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीण अपने आशियाने छोड़कर जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। शनिवार को आठ ग्रामीणों ने अपने घर खाली कर सामान सुरक्षित स्थानों पर लेकर चले गए हैं। गांव के शाहनवाज, मैसाद, आसिफ, ईदुल, नस्तर अली, कमालुद्दीन, रशुद्दीन और इरशाद शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कटान तेजी से बढ़ रहा है। इससे कभी भी अन्य मकान गंगा में समा सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने की मांग की है। शुक्रवार को लेखपाल पंकज सिंह और नायब तहसीलदार हसीन ने कटान प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया था।