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Farrukhabad News: डॉक्टर की सास की हत्या और लूट में चार दोषी करार

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फर्रुखाबाद। कायमगंज के आठ वर्ष पुराने हत्या एवं लूटकांड में सोमवार को विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सचान की अदालत ने सुनवाई पूरी कर ली। चार लोगों को हत्या, लूट और चोरी का माल रखने के अपराध में दोषी करार दिया, जबकि डकैती व आपराधिक साजिश के आरोपों से सभी आरोपियों को बरी कर दिया। दोषियों की सजा पर सुनवाई 17 जून को होगी।
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जनपद बुलंदशहर के मोहल्ला ककराला खुर्जा निवासी डॉ. जितेंद्र सोलंकी ने कायमगंज थाने में 15 फरवरी 2018 को अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि कायमगंज के मोहल्ला पाठक में उनकी सास साधना गौड़ अकेली रहती थीं। उनकी पत्नी डॉ. प्रिया गौड़ की 11 फरवरी को शाम 4 बजे उनसे बातचीत हुई। 14 फरवरी की दोपहर अताईपुर निवासी मोतीलाल ने फोन कर बताया कि आपके घर का गेट नहीं खुल रहा है और न ही कोई आवाज आ रही है। वह अपनी पत्नी को साथ लेकर कायमगंज आए। मकान का मुख्य गेट खुला था। जबकि मकान के अंदर जाने वाला दूसरा गेट अंदर से बंद था।
आसपास के लोगों की सहायता से गेट खोलकर अंदर पहुंचा तो सास का शव औंधे मुंह पड़ा था। उनके हाथ और पांव को रस्सी से पीछे की ओर बांधा गया था। मुंह में कपड़ा ठूंसकर सास को मारा जाना प्रतीत हो रहा है। घर का सामान बिखरा पड़ा था। बदमाश लाखों रुपये की नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और महत्वपूर्ण दस्तावेज लूटकर ले गए थे। विवेचना के दौरान नेपाली यादव, रवि उपाध्याय, शिवम उर्फ अनुपम शुक्ला, विमलेश यादव और लालू उर्फ आशीष यादव के नाम प्रकाश में आए थे। कई चरणों की विवेचना और आरोप पत्रों के बाद अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर विमलेश यादव, नेपाली यादव उर्फ प्रवेश यादव, रवि उपाध्याय और शिवम उर्फ अनुपम शुक्ला को हत्या और लूट का दोषी माना। बाल अपचारी को धारा 396, 120-बी एवं 412 आईपीसी के आरोपों से बरी कर दिया।
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