जिले के तीन थाना क्षेत्रों में हुई चार चोरी की घटनाओं में पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, गैंगल़ीडर लकी पाल समेत चार साथी फरार हो गए।
पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए जेवरात, मोबाइल, लैपटॉप समेत तमाम सोने-चांदी के जेवरात बरामद हुए हैं। एसपी डा. अनिल मिश्र ने इसका खुलासा किया।
शहर कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम को शुक्रवार शाम सूचना मिली कि कुछ चोर पांचाल घाट वन विभाग बैरियर के पास चोरी का माल बांट रहे हैं।
इस पर टीम ने छापा मारकर चार लोगों को दबोच लिया। उन्होंने अपने नाम पुराने पांचालघाट निवासी विवेक सक्सेना, पुष्पेंद्र पांडेय, मऊदरवाजा के माधवपुर निवासी अरुण यादव और नीवलपुर निवासी प्रदुम्न राजपूत बताया। तीन अन्य साथी भाग गए।
पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, एलईडी, होमथिएटर, 10 मोबाइल, बैटरा, इनवर्टर, सिलिंडर और जेवरात बरामद किए।
आरोपियों ने बाइक समेत अन्य सामान भागे तीन साथियों के पास बताया। फरार साथियों में अंगूरीबाग निवासी आदित्य उर्फ बादल, कछियाना निवासी राहुल सक्सेना, गंगा दरवाजा निवासी मोनू पाल, गैंगलीडर लकी पाल हैं। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी को टीमें बना दी हैं।
पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि उन्होंने 20 फरवरी को गीता विहार निवासी चरन सिंह , एक मार्च को अमेठी कोहना साईं मंदिर के पास निवासी अतुल दुबे, दो मार्च को राजेपुर के गांव अम्मरपुर तिराहा के बंद मकान समेत मऊदरवाजा में भी चोरी की घटना को अंजाम दिया।
पीड़ित अतुल दुबे की पत्नी ललिता देवी ने जेवरात की शिनाख्त भी की है। पुलिस ने आरोपियों का चालान कर दिया है। गिरफ्तार करने वाली टीम में कोतवाल वेदप्रकाश पांडेय, स्वाट टीम प्रभारी दिनेश गौतम पांचाल घाट चौकी प्रभारी आरके शर्मा आदि थे।
अभियुक्त अरुण यादव, प्रदुम्न राजपूत कुछ दिन पहले ही जेल से जमानत पर छूटे थे। उनका संपर्क शातिर अपराधी लकी पाल से हुआ।
वहीं, पुष्पेंद्र उर्फ नन्हें, विवेक सक्सेना, फरार राहुल सक्सेना व आदित्य उर्फ बादल, मोनू पाल से हुई। दिन में बाइकों से घूमकर बंद मकानों की रेकी करते थे और रात में चोरी की घटना को अंजाम देते थे। रात को घर पर नहीं सोते। फुटपाथ अथवा टेंपो में ही सो जाते थे।