पांचालघाट स्थित मेला श्रीरामनगरिया में सोमवार को दंडी स्वामी आश्रम से संतों ने शोभायात्रा निकाली। मेला प्रबंधक व थाना प्रभारी द्वारा शोभायात्रा का स्वागत न करने पर संत बिफर गए। थाने के सामने खड़े होकर मेला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में दरोगा ने पहुंचकर स्वागत किया और किसी तरह समझाकर संतों को शांत किया। इसके बाद संतों की शोभायात्रा आगे बढ़ी।
मेला श्रीरामनगरिया में दंडी स्वामी आश्रम से संत रामप्रकाश के नेतृत्व में शोभायात्रा निकाली गई। इसमें भगवान भोलेनाथ, काली का अखाड़ा, राधा-कृष्ण आदि झांकियां शामिल थीं। शोभायात्रा जब कैंप कार्यालय के पास पहुंची, वहां मेला थाना प्रभारी व प्रबंधक स्वागत करने नहीं आए। इससे संत नाराज हो गए और मेला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। शोर सुनकर मेला थाने के दरोगा अंगद सिंह मौके पर पहुंचे और संतों को समझाकर किसी तरह शांत किया। संतों को माला पहनाकर स्वागत भी किया गया। इसके बाद शोभायात्रा मेला भ्रमण करते हुए गंगा तट पहुंची। वहां पूजा-अर्चना के साथ समापन किया गया।
इस दौरान विष्णु आश्रम, रामेश्वर आश्रम, मुन्नालाल आश्रम, पहाड़ी आश्रम आदि मौजूद रहे। इसके अलावा पंचदशनाम जूना अखाड़ा की कुशवाह आश्रम से महंत बालकानंद महाराज की अगुवाई में शोभायात्रा निकाली गई। इसमें हनुमान दास, श्रवण गिरी, फक्कड़ बाबा आदि मौजूद रहे।
फूहड़ गाने बजने पर संतों ने मनोरंजन पंडाल में बोला धावा
पंचदशनाम जूना अखाड़ा के संत सत्यगिरी महाराज के पास पिछले कई दिन से मनोरंजन क्षेत्र में फूहड़ गाने बजने की शिकायतें पहुंच रही थीं। इसके साथ झूला कर्मचारियों द्वारा ग्राहकों ने बड़ा नोट मिलने पर बेईमानी करने की भी शिकायत की। इस पर सोमवार को करीब पचास संतों ने मनोरंज क्षेत्र में धावा बोल दिया। वहां बज रहे गाने व झूला बंद करा दिए। कर्मचारियों से हाथापाई की। जानकारी पर दरोगा अंगद सिंह पहुंचे और संतों को समझाकर मेला थाने ले आए। थाना पंडाल में संतों को घुसता देख मुंशी ने रोक दिया और एक संत अंदर भेजकर बात करने को कहा। इस पर सभी संत नाराज हो गए और वहीं बैठकर धरना शुरू कर दिया। इससे अफरातफरी मच गई। मेला प्रबंधक संदीप दीक्षित भी वहां पहुंचे। उन्होंने ठेकेदार से बातचीत कर अवैध वसूली रुकवाने का आश्वासन दिया। इस पर संतों ने पुन: अवैध वसूली व फूहड़ गाना बजने की शिकायत पर मनोरंजन क्षेत्र के पंडाल उखड़वाने का अल्टीमेटम दिया। इसके साथ ही मेले में ध्वस्त पड़े शौचालन बनवाने व गंदगी साफ कराने की भी चेतावनी दी। इसके बाद सभी संत वहां से चले गए।
धूप खिलने से रामनगरिया में बढ़ी भीड़
मेला रामनगरिया के नौ दिन ही शेष बचे हैं। अब मौसम भी माफिक है। सुबह से धूप खिल गई। इससे मेले में खासी भीड़ रही। पूजा-अर्चना का क्रम चलने के साथ ही दुकानों पर खरीदारी भी खूब हो रही है। इससे अब व्यापारी खुश नजर आ रहे हैं। मनोरंजन क्षेत्र भी खचाखच भरा रहता है।
कवि सम्मेलन में बही वसंती बयार
मेला के सांस्कृतिक पंडाल में रविवार रात कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें कई जनपदों से आए कवियों ने कविताएं सुनाकर वाहवाही लूटी। वसंत ऋतु पर भी खूब कविताएं सुनाई गईं। डा. विष्णु सक्सेना ने- पहले दिखता नहीं था अब अंधेरा है, फिर भी सब दिखाई दे रहा कविता सुनाकर तालियां बटोरीं। दिल्ली की कवयित्री कीर्ति काले ने वसंत पर कविता सुुनाकर वाहवाही लूटी। बृजकिशोर सिंह, उत्कर्ष अग्निहोत्री, प्रताप फौजदार आदि ने भी कविताएं सुनाईं। संचालन डॉ. शिवओम अंबर ने किया। जिलाधिकारी मोनिका रानी, सीडीओ अपूर्वा दुबे, पुलिस अधीक्षक संतोष मिश्रा, एसडीएम अमित आसेरी, सीओ सिटी रामलखन सरोज आदि मौजूद रहे।