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Farrukhabad News: राजेपुर-बदायूंं मार्ग पर भी बहने लगा बाढ़ का पानी

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 राजेपुर के चित्रकूट में डिप पर बह रहे बाढ़ क पानी के बीच से निकलते लोग। - फोटो : राजेपुर के चित्रकूट में डिप पर बह रहे बाढ़ क पानी के बीच से निकलते लोग।
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फर्रुखाबाद। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान पर है। खतरे का निशान 137.10 सेमी पर है। शमसाबाद-शाहजहांपुर, कंपिल-बदायूं मार्ग के बाद अब राजेपुर-बदायूं रोड पर भी गंगा का पानी बहने लगा है। बाढ़ की तेज धारा से दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। रामगंगा के जलस्तर में भी अप्रत्याशित बढ़ोतरी जारी है।
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विगत दो दिनों में नदी का जलस्तर 1.75 मीटर बढ़ चुका है। रामगंगा का जलस्तर भी 135.75 मीटर पर पहुंच गया है। गंगा में 281676 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे हालात और गंभीर होने की आशंका है। रामगंगा नदी में 13064 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गांवों और घरों में पानी भरने से लोग सड़क किनारे डेरा डाले हैं। बाढ़ क्षेत्र से ग्रसित भाई-बहन ने रक्षा बंधन का पर्व भी सड़क किनारे ही मनाया। वहीं, श्मसान घाट पर पानी भर जाने से शमसाबाद क्षेत्र में शाहजहांपुर जाने वाली सड़क पर ही शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
शनिवार को गंगा का जलस्तर दूसरे दिन खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर बढ़कर 137.20 सेमी पर पहुंच गया। नरौरा बांध से सुबह 281676 क्यूसेक पानी पास किया गया, वहीं शाम को 305041 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस बार नरौरा बांध से अभी तक सबसे ज्यादा पानी छूटने से गंगा का जलस्तर और फैलाव बढ़ रहा है। रामगंगा के जलस्तर में भी 55 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। इससे रामगंगा नदी का जलस्तर 135.35 मीटर से बढ़कर 135.90 मीटर पर पहुंच गया।
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रामगंगा में खो, हरेली, रामनगर बैराज से सुबह 13064 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं शाम को 18860 क्यूसेक पानी छूटने से गंगापार के इलाके में ग्रामीण भयभीत हैं।

वर्ष 2010 में सबसे ज्यादा छोड़ा गया था पानी

फर्रुखाबाद। गंगा में नरौरा बांध से लगातार पानी छोड़े जाने से वर्ष 2010 जैसी बाढ़ आने के हालात बनते जा रहे हैं। सात से लेकर नौ अगस्त तक गंगा में 13,32047 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। इसके चलते गंगा नदी ने रौद्र रूप ले लिया है। वर्ष 2010 में आई बाढ़ के दौरान नरौरा बांध से सबसे ज्यादा 600130 क्यूसेक पानी 29 सितंबर 2010 को छोड़ा गया था। 24 अगस्त 2011 में 341936 क्यूसेक पानी पास किया गया। वहीं 16 अगस्त 2013 को 586496 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। 28 अगस्त 2023 को 317158 क्यूसेक पानी बांध से छोड़ा गया था। गंगा में लगातार अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने से ग्रामीणों को 2010 में आई बाढ़ जैसे हालात का डर सताने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि बदायूं मार्ग की ऊंचाई न होती तो चारों तरफ पानी ही पानी नजर आता। दिन पर दिन हालात खराब हो रहे हैं।
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