कमालगंज। गंगा नदी की बाढ़ में आई चीका मिट्टी के कारण परेशानी हो रही है। खेतों में पानी सूख जाने के बावजूद जोताई नहीं हो पा रही है। खेत जोतने गए कई ट्रैक्टर मिट्टी में धंस गए। धंसे ट्रैक्टरों में रस्सी बांधकर दूसरे ट्रैक्टरों से खींचकर निकलवाया गया।
इस बार गंगा में आई जबरदस्त बाढ़ से नाथुआपुर, बहोरन टप्पा हवेली, जंजाली नगला व कुछ अन्य गांवों व खेतों में कई फीट पानी भरा रहा था। अब पानी सूखने के बाद कुछ किसानों ने आलू की फसल के लिए खेत की जोताई का प्रयास किया। लक्ष्मण सिंह, सुरेश व राधे सिंह के परिजनों ने अपने खेतों में जोताई के लिए ट्रैक्टर उतारे, लेकिन ट्रैक्टर चीका मिट्टी में धंस गए।
बहोरन टप्पा हवेली की प्रधान रामादेवी का कहना है कि बाढ़ में पीछे के गांवों व कटान से मिट्टी आई है। खेत चिकनी मिट्टी के हो गए, मिट्टी काफी नीचे तक लबलबी है। इसीलिए अभी जोताई नहीं हो पा रही।