फोटो-02, लिंजीगंज बाजार में बिक्री के लिए रखा गुलाल। संवाद
फर्रुखाबाद। गणेश महोत्सव की धूम गांव से शहर तक दिख रही है। घरों और पंडालों में श्रद्धालु गणपति बप्पा की आराधना में लीन हैं। जनपद में 277 स्थानों पर गणपति की स्थापना की गई है। कई लोग अब गजानन की मूर्तियों का विसर्जन करने लगे हैं। गणपति को अबीर-गुलाल लगाकर विदा करने का चलन है। इसके चलते बाजार में सुगंधित गुलाल कर मांग बढ़ गई है। व्यापारियों का मानना है कि इस बार पांच लाख रुपये से अधिक का कारोबार होने की उम्मीद है। इससे दुकानदारों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है।
जिले में 277 स्थानों पर भगवान गणेश की मूर्तियों की स्थापना की गई है। गणेश महोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। पंडालों में सुबह-शाम श्रद्धालु एकदंत की आरती और पूजन कर रहे हैं। कई स्थानों पर श्रद्धालु अगले वर्ष जल्दी आने के वायदे के साथ भगवान श्री गणेश की मूर्तियों का विसर्जन करने लगे हैं। श्रद्धालु बैंड बाजा और डीजे के साथ विसर्जन यात्रा निकाल रहे हैं। विसर्जन यात्राओं में गुलाल का प्रयोग होने से बाजार में इसकी मांग बढ़ गई है।
मांग को देखते हुए दुकानदारों ने अबीर-गुलाल की विभिन्न वैरायटी मंगवाई है। शहर के बाजारों में उपलब्ध सुगंधित अबीर-गुलाल को श्रद्धालु पसंद कर खरीद रहे हैं। शहर के लिंजीगंज बाजार के दुकानदार गुड्डन कुशवाह ने बताया कि कुछ साल पहले तक सिर्फ होली पर ही अबीर-गुलाल की मांग रहती थी, लेकिन पिछले कुछ सालों में लोगों में श्री गणेश उत्सव के लिए उत्साह बढ़ा है।
पसंद आ रहा खुशबूदार हर्बल गुलाल
दुकानदार राजेश गुप्ता ने बताया कि बाजार में अबीर-गुलाल की मांग को देखते हुए दुकानों पर विभिन्न प्रकार के गुलाल उपलब्ध हैं। सबसे अधिक मांग खुशबूदार गुलाल की है। हर्बल गुलाल 300 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहा है। वहीं बाजार में साधारण गुलाल की कीमत 70 से 110 रुपये किलोग्राम है जो ग्राहकों को पसंद आ रहा है।