शमसाबाद। ग्रामीणों के साथ कलश विसर्जन करने गए पांच किशोर गंगा में डूब गए। गोताखोरों ने मशक्कत के बाद पांचों को बाहर निकाल लिया। सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज लाया गया। चिकित्सक ने एक किशोर को मृत घोषित कर दिया। गंभीर अवस्था देख एक किशोर को लोहिया अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव नगला मकोड़ा में एक सप्ताह से भागवत कथा चल रही थी। रविवार को ग्रामीण ट्रैक्टरों से कलश विसर्जन करने ढाईघाट गंगा पर आए थे। श्रद्धालु गंगा नदी में नहाने लगे। इसी दौरान गांव के विकास पुत्र नंदकिशोर (16), निराला (15), आकाश (16) धीरज और ऋषभ गंगा गहरे पानी में पहुंचने से डूब गए। ग्रामीणों के चीख-पुकार मचाने पर गंगातट किनारे मौजूद गोताखोरों ने नदी में छलांग लगा दी। गोताखोरों ने निराला, आकाश, धीरज व ऋषभ को तो बाहर निकाल लिया, लेकिन विकास का पता नहीं चला।
करीब एक घंटे बाद विकास को नदी से बाहर निकाला गया। सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। चिकित्सक ने विकास को मृत घोषित कर दिया। आकाश की हालत गंभीर होने पर उसे लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। विकास के पिता खेतीबाड़ी करते हैं। नंद किशोर ने बताया कि गंगा नहाते समय विकास डूब गया। मां सुमन देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। थानाध्यक्ष तरुण सिंह भदौरिया ने बताया कि पांच किशोर डूबे थे, जिनमें एक की मौत हो गई। गंभीर अवस्था में एक को लोहिया अस्पताल रेफर किया गया है।