कंपिल थानाध्यक्ष, दरोगा समेत पांच पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को ग्रामीण ने अदालत में अर्जी दायर की है। इसमें साझेदार के खिलाफ पराली जलाने की झूठी रिपोर्ट लिखने की शिकायत करने पर अभद्रता और एसओ के कहने पर हल्का इंचार्ज व सिपाहियों द्वारा थप्पड़ मार कर थाने से बाहर निकालने का आरोप लगाया है।
थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के गांव खारबंदी कुइयांबूट बाइपास निवासी वीरेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने कंपिल थानाध्यक्ष देवेंद्र सिंह गंगवार, हल्का इंचार्ज जयवीर सिंह, सिपाही रमेश सिंह व दो अज्ञात सिपाहियों के खिलाफ सीजेएम अदालत में अर्जी दायर की है। इसमें कहा कि वह मूल रूप से कंपिल थाना क्षेत्र के गांव बिल्हा का निवासी है।
6 दिसंबर को पता चला कि उसके साझेदार के खिलाफ पराली जलाने का झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है। इसकी शिकायत करने थाने में गया। वहां तत्कालीन थानाध्यक्ष, हल्का इंचार्ज व सिपाही बैठे थे। झूठी रिपोर्ट दर्ज किए जाने के संबंध में जब थानाध्यक्ष और हल्का इंचार्ज से बात की तो वे गालीगलौज करने लगे और कहा कि सेटेलाइट के फोटो हैं, जिसके आधार पर रिपोर्ट दर्ज की है।
गाली देने का विरोध किया तो थानाध्यक्ष के कहने पर हल्का इंचार्ज और सिपाही ने उसे पकड़ लिया और थप्पड़ मारकर थाने से धक्का मारकर निकाल दिया। 7 दिसंबर को एसपी को प्रार्थना पत्र दिया। थानाध्यक्ष, हल्का इंचार्ज व अन्य पुलिस कर्मी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। सीजेएम ने घटना के संबंध में एसपी और कंपिल थानाध्यक्ष से रिपोर्ट मांगी है।