फर्रुखाबाद। डूडा के पुराने भवन में आग लगने से माफिया अनुपम दुबे के अक्तूबर 2023 में धराशायी होटल से कुर्क सोफा, एसी, बेड समेत कीमती सामान और डूडा का पुराना रिकार्ड जलकर राख हो गया। चाबी न मिलने से दमकल कर्मी जंजीर काटकर अंदर घुसे। करीब तीन घंटे प्रयास के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
नगर पालिका दफ्तर के सामने डूडा के पुराने भवन में मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे लोगों ने धुआं निकलते देखा। आसपास के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने कमरों से धुआं निकलता देखा, तो 5.17 बजे दमकल को सूचना दी। इसी दौरान पालिका की सक्शन मशीन और सबमर्सिबल से आग बुझाने का प्रयास किया गया। पौने छह बजे पहली गाड़ी पहुंची। मुख्य गेट बंद होने से बुझाने में देरी हुई।
दमकल कर्मी मुख्य गेट में लगी जंजीर काटकर अंदर घुसे। इसी दौरान डूडा लिपिक गौरव विभाग के पास वाले कमरे के बाहर लगे चैनल के ताले की चाबी लेकर पहुंचे। ताला न खुलने पर तोड़ दिया गया।
हालांकि जिन दो हॉल में कुर्की का सामान भरा था, उसके कमरे खुले बताए जाते हैं। आधा घंटे बाद ही दमकल में पानी खत्म हो गया, तो दूसरी छोटी गाड़ी ने पहुंचकर काम शुरू किया। साढ़े सात बजे दमकल की तीसरी बड़ी गाड़ी पहुंची। रात साढ़े आठ बजे तक आग पर काबू पाया जा सका। इसी दौरान प्रभारी पीओ डूडा एसडीएम गजराज सिंह, सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय और ईओ विनोद कुमार पहुंचे।
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दमकल की गाड़ी में पालिका नहीं भर सकी पानी
दमकल की एक बड़ी गाड़ी में पानी खत्म हो गया। पास में ही पालिका की पानी की टंकी होने के बावजूद उसमें पानी भरने की कोई व्यवस्था नहीं थी। लिहाजा दमकल गाड़़ी को दोबारा फतेहगढ़ ले जाना पड़ा। इसके बाद पौने आठ बजे दोबारा पहुंचकर आग बुझाना शुरू किया।
सामान खुर्द-बुर्द करने के बाद आग लगाने की चर्चा
तहसील प्रशासन और नगर पालिका की देखरेख में गुरुशरण होटल का बेशकीमती सामान निकालकर दो हॉल में भरा गया था। कमरों के अलावा मुख्य गेट को भी सील कर चाबी जिम्मेदारों ने अपने पास रख ली थी। आग लगने के बाद जब पुलिस और आसपास के लोगों ने दूसरे भवनों की छत और बाउंड्रीवाल पर चढ़कर देखा, तो कमरों के गेट खुले दिखे। इससे साफ है कि कमरों में भरा कीमती सामान पहले ही खुर्द बुर्द किया गया होगा। आसपास के लोगों में आग लगाने की चर्चा है।
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नहीं पहुंचे तहसील के जिम्मेदार अधिकारी
होटल की कुर्की और धराशायी करने में सबसे अधिक मुख्य भूमिका तहसील प्रशासन की रही। आग लगने की सूचना के बाद भी रात साढ़े सात बजे तक तहसील का कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा। तहसीलदार श्रद्धा पांडेय के सीयूजी नंबर पर संपर्क किया गया तो रिसीव नहीं हु्आ। नायब तहसीलदार शनी कनौजिया का नंबर बंद जाता रहा।
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डूडा लिपिक बोला, पालिका के पास थी दो हॉल की चाबी
मुख्य गेट और डूडा के पुराने रिका़र्ड रूम में लगे चैनल की चाबी लेकर पहुंचे डूडा के लिपिक गौरव ने बताया कि तीन में एक कमरा विभाग के पास था, जबकि दो की चाबी पालिका को दे दी गई थी। जबकि कुर्की के दौरान पालिका में रिकार्ड कीपर का काम देख रहे अमित सक्सेना ने बताया कि चाबी का उनसे कोई लेना देना नहीं है। नायब तहसीलदार शनी कनौजिया ने गेट सील किया था। राजस्व विभाग के पास ही चाबी होगी।
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निष्प्रयोज्य भवन, चाबी किसके पास जांच का विषय
प्रभारी पीओ डूडा, एसडीएम गजराज सिंह ने बताया कि यह भवन 2020 से निष्प्रयोज्य है। सामान किसका भरा है, यह उन्हें नहीं पता। इसकी चाबी किसके पास है, यह जांच का विषय है। भरे सामान की भी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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समय से पहुंची पुलिस ने बुझाने में किया प्रयास: सीओ
सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही थाना पुलिस पहुंची। आग बुझाकर भरे रिकार्ड और सामान को बचाने का प्रयास किया गया है। आग काबू में है।
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भवन में बिजली नहीं, आग लगने का कारण संदिग्ध: सीएफओ
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) विजय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि सूचना मिलते ही दमकल समय से पहुंची। पालिका के जिम्मेदार चाबी लेकर नहीं पहुंचे, तो कटर से जंजीर व ताला काटकर आग बुझाना शुरू किया। भवन में बिजली के तार बाहर लगे मीटर से ही कटे हैं। लिहाजा शार्ट सर्किट की संभावना नहीं लगती है।