फर्रुखाबाद। यूपी बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन कार्य बुधवार को कड़ी निगरानी के बीच शुरू हो गया। ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के अलावा किसी को भी अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। बोर्ड सचिव के निर्देश हैं कि अगर कोई जबरन प्रवेश करे तो उसके खिलाफ एफआईर दर्ज कराई जाए।
मूल्यांकन केंद्र रस्तोगी इंटर कॉलेज फर्रुखाबाद, महीयसी महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और राजकीय इंटर कॉलेज फतेहगढ़ में साढ़े आठ बजे से ही परीक्षकों व डीएचई का पहुंचना शुरू हो गया। पर्यवेक्षक डायट प्राचार्य अनुपम यादव 8.25 बजे ही जीजीआईसी पहुंच गए। उन्होंने मूल्यांकन की तैयारियां देखीं।
मुख्य गेट पर पुलिसबल मौजूद रहा। पुलिस व ड्यूटी पर लगे कर्मचारियों ने मुख्यगेट पर ही परीक्षकों के पहचान पत्र देखे और फिर प्रवेश करने दिया। परीक्षकों के दो जगह हस्ताक्षर करवाकर मूल्यांकन कक्ष में प्रवेश दिया। जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्र पाल सिंह ने तीनों मूल्यांकन केंद्रों का निरीक्षण किया। ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के अलावा किसी को भी मूल्यांकन केंद्र पर प्रवेश करने की अनुमति नहीं थी।
डीआईओएस कार्यालय में बने जिला कंट्रोल रूम से जसविंदर सिंह के अलावा कंप्यूटर ऑपरेटर अंबुज सक्सेना, पंकज औदिच्य और अंकित दुबे मूल्यांकन केंद्रों की निगरानी करते रहे। जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि मूल्यांकन केंद्र पर बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर परिषद ने रोक लगा रखी है। अगर कोई जबरदस्ती करे तो उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश हैं। उन्होंने बताया कि पहले दिन हाईस्कूल की 9121 व इंटरमीडिएट की 5075 उत्तर पुस्तिकाएं जांची गईं। जीआईसी में हाईस्कूल की 3324, जीजीआईसी में हाईस्कूल की 5797 व रस्तोगी इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट की 5075 कॉपियों का मूल्यांकन किया।
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पहले दिन ही 527 परीक्षक अनुपस्थित
यूपी बोर्ड मूल्यांकन के पहले दिन ही तीनों परीक्षा केंद्रों पर 527 परीक्षक अनुपस्थित रहे। जीआईसी में 333 परीक्षकों के सापेक्ष 202 परीक्षक मूल्यांकन कार्य करने आए। वहीं जीजीआईसी फतेहगढ़ में 435 में 170 कक्ष निरीक्षक अनुपस्थित रहे। रस्तोगी इंटर कॉलेज में 495 परीक्षकों की ड्यूटी लगाई थी, लेकिन 269 ही ड्यूटी करने आए। डीआईओएस नरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि तीनों केंद्रों पर 527 परीक्षक गैरहाजिर रहे। इन लोगों से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा।