फर्रुखाबाद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को लगने वाले आरोग्य मेले में बुखार व डायरिया के मरीज बढ़े हैं। इसके बावजूद बुखार के मरीजों की जांच के इंतजाम नहीं हैं। कई अस्पतालों में डॉक्टर नहीं तो कहीं एलटी की तैनाती नहीं है।
जनपद में शहर के छह व ग्रामीण क्षेत्र के 28 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आरोग्य मेला लगा। कुछ अस्पतालों को छोड़कर अन्य में अव्यवस्थाएं हावी रहीं। पारा चढ़ने के साथ आरोग्य मेले में बुखार व डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। नगरीय पीएचसी नवदिया में डॉ.सचिन कटियार ने 29 मरीज देखे। इनमें 18 मरीज खांसी व बुखार से पीड़ित थे।
एलटी न होने से किसी की जांच नहीं हो सकी। पीएचसी रकाबगंज में दोपहर 1:55 बजे डॉक्टर की कुर्सी खाली थी। पीएचसी आईटीआई में दोपहर 2:13 बजे डॉ.आकांक्षा सक्सेना स्टाफ के साथ बैठी थीं। एक भी मरीज नहीं था। बताया गया कि वह 1:30 बजे अस्पताल आईं। इससे पहले आए 25 मरीज फार्मासिस्ट ने देखे। एलटी न होने से किसी की जांच नहीं हो सकी।
बढ़पुर ब्लाॅक की पीएचसी रमन्ना गुलजार बाग में डॉ.ऋषिनाथ गुप्ता ने 29 मरीज देखे तो फार्मासिस्ट अरविंद यादव ने दवाई दी। बुखार के चार व डायरिया के नौ मरीज थे। यहां भी एलटी न होने से जांच नहीं हो सकी। शमसाबाद क्षेत्र के पीएचएसी चिलसरा में डॉक्टर न होने से फार्मासिस्ट नरेंद्र सिंह ने 40 मरीज देखे। इनमें खांसी-बुखार के 15 मरीज आए। एलटी न होने से जांच नहीं हो सकी। इसके अलावा पेट दर्द व खुजली के भी मरीज थे। कोई भी स्वास्थ्य अधिकारी निरीक्षण करने नहीं पहुंचा।
एसीएमओ डॉ.दलवीर सिंह ने बताया कि आरोग्य मेले में जिले में कुल 1070 मरीजों को उपचार दिया गया। अस्पतालों में एलटी की तैनाती व अन्य व्यवस्थाएं सुधरवाने का प्रयास किया जाएगा।