फर्रुखाबाद। जिले के पीसीएफ गोदामों पर भरपूर खाद होने के बावजूद समितियों और इफ्को केंद्रों पर किल्लत और बाजार में कालाबाजारी की खबर प्रकाशित होने पर गुरुवार को अधिकारी एक्शन में आ गए। डीएम और एडीएम ने पीसीएफ के गोदामों का निरीक्षण किया और समितियों के लिए 24 घंटे खाद का उठान करने का निर्देश दिया। डीएम ने समितियों व इफको केंद्रों को आवंटन में देरी पर पीसीएफ के जिला प्रबंधक को फटकार लगाने के साथ कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
अमर उजाला ने गुरुवार के अंक में ‘भरपूर खाद फिर कालाबाजारी’ शीर्षक से किसानों की समस्या को प्रमुखता से उठाया। पीसीएफ और कोऑपरेटिव के क्षेत्रीय प्रबंधक ने इसे गंभीरता से लिया। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह भी दोपहर को एडीएम विवेक श्रीवास्तव के साथ सातनपुर स्थित पीसीएफ गोदाम पहुंच गए। एडीएम को गोदाम से 24 घंटे खाद उठान कराने के निर्देश दिए। बोले खाद मजिस्ट्रेट की निगरानी में ही उठाई जाए। इसके लिए मजिस्ट्रेट की चक्रवार ड्यूटी लगाएं। एआर कोआपरेटिव विजय कुमार अग्रवाल व जिला कृषि अधिकारी डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि गोदाम में खाद का पर्याप्त स्टॉक है। समितियों व निजी विक्रेताओं को सूचित कर दिया जाए कि एक-एक करके मांग के अनुसार खाद ले जा सकते हैं।
पीसीएफ के जिला प्रबंधक मोहित गुप्ता से बताया कि 42000 बोरी खाद का स्टाक है। समितियों को 6015 बोरी आवंटित हुईं हैं। आवंटन धीमा होने पर जिलाधिकारी ने उन्हें फटकार लगाई। कहा कि कार्रवाई के लिए तैयार रहो।
समितियों पर डीएपी न भेजने का कारण पूछने पर बताया गया कि एनपीके का स्टाक अधिक है, इसलिए डीएपी रोकी गई है। डीएपी रोकने पर डीएम ने गोदाम प्रभारी दिनेश सिंह व पीसीएफ जिला प्रबंधक को कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया। कहा उपलब्धता के अनुसार समितियों को डीएपी दी जाए।
समितियों पर खाद भेजने के लिए कम वाहन लगाने के मामले में ठेकेदार दृगपाल सिंह बाबी को भी चेतावनी दी। इसके बाद जिलाधिकारी ने बघार स्थित गोदाम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने 48 घंटे में गोदामों से पूरी खाद समितियों पर भेजने के निर्देश दिए हैं। कहा शासन को नया मांगपत्र शासन भी भेज दिया जाए। खाद वितरण में निलंबित गोदाम प्रभारी रमेश चंद्र की भी पीसीएफ जिला प्रबंधक ने ड्यूटी लगा रखी है। उस पर अधिकारियों की नजर नहीं पहुंची।
अवकाश में भी खुलेंगे खाद बिक्री केंद्र
शिकायत करने पहुंचे किसानों को डीएम ने दिया भरोसा
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। सातनपुर मंडी के निकट स्थित इफको कृषक सेवा केंद्र से किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। दोपहर में डीएम के पीसीएफ गोदाम पहुंचने की खबर पर किसान वहां पहुंच गए। डीएम गोदाम से निकल रहे थे, किसानों ने उन्हें रुकने का इशारा किया। डीएम ने कार से उतरकर किसानों की बात सुनीं। किसानों ने बताया कि आधार कार्ड जमा कर दिए हैं फिर भी तीन दिन से खाद के लिए चक्कर लगवाए जा रहे हैं। बुधवार शाम पांच बजे रुके रहे लेकिन खाद नहीं मिली। आरोप लगाया कि चहेतों को खाद दी जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि एक-दो दिन में सभी केंद्रों पर खाद उपलब्ध हो जाएगी। कहीं से भी खाद ले सकते हो। किसानों ने कहा कि शुक्रवार से अवकाश है तो खाद कैसे मिलेगी। डीएम ने कहा कि अवकाश के दिन भी खाद बिक्री केंद्र बंद खुलेंगे।
खाद के साथ जबरिया दे रहे अन्य उत्पाद
फर्रुखाबाद। सातनपुर स्थित कृषक सेवा केंद्र पर डीएपी व एनपीके खाद के साथ किसानों को जबरन अन्य उत्पाद दिए जा रहे हैं। न लेने पर खाद नहीं दी जा रही है। किसान गौतम ने बताया कि 10 बोरी डीएपी की जरूरत थी लेकिन पांच एनपीके ही दी गई। उसके साथ में 750 रुपये के दो पैकेट ह्यूमिविक पावर (500 ग्राम) जबरिया थमा दिए गए। इसके उपयोग की जानकारी भी हमें नहीं है। अन्य किसानों ने बताया कि पांच बोरी खाद लेने पर 700 से 1000 रुपये तक बोरोन, जिंक, सल्फर, कैल्शियम आदि जबरन दिया जा रहा है। इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक राजवीर सिंह व जिला कृषि अधिकारी डॉ.राकेश कुमार सिंह ने बताया कि खाद की बोरी के साथ कोई अन्य उत्पादन जबरन नहीं दिया जा सकता। वह खुद इसकी जांच करेंगे। शिकायत सही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।