अमृतपुर। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश और बादल फटने की घटनाओं के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। नरौरा बांध से लगातार पानी छोड़े जाने से क्षेत्र में बाढ़ की आशंका गहरा गई है। हालांकि सोमवार को गंगा के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। यह 136.10 मीटर से घटकर 136.00 मीटर पर पहुंच गया।
सोमवार को नरौरा बांध से गंगा में 76,029 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हरिद्वार से 46,722 क्यूसेक और बिजनौर से 60,890 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया गया। इससे गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना के बीच तटवर्ती गांवों के लोग सतर्क हो गए हैं। हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, मंझा, फुल्हा, जटपुरा, रामप्रसाद नगला, कालिका नगला, कुड़री सारंगपुर, भाऊपुर चौरासी, सैदापुर, तीसराम की मड़ैया, रामपुर, जोगराजपुर, सुंदरपुर और नगला दुर्गू समेत कई गांवों के ग्रामीण बाढ़ की आशंका को देखते हुए पहले से ही तैयारियों में जुट गए हैं। लोग राशन, पशुओं के चारे और अन्य जरूरी सामान का इंतजाम कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगभग हर वर्ष बाढ़ आती है। इसलिए वे पहले से ही आवश्यक तैयारियां कर लेते हैं।
उधर, रामगंगा नदी का जलस्तर अभी बिलोगेज स्तर पर है। खो, हरेली, रामनगर बैराज से 6,537 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। तहसीलदार शशांक सिंह ने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारियां है। गंगा का जलस्तर बढ़ा है पर अभी किसी गांव में नहीं आया है। सभी लेखपालों को सतर्क कर दिया है।