फर्रुखाबाद। गर्मी बढ़ते ही जिले में बिजली संकट पैदा हो गया है। तीन दिन से शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को दो घंटे लगातार बिजली नसीब नहीं हो रही है। 33 व 11 केवी लाइनों में बार-बार फाल्ट आने से शहरी व ग्रामीण इलाकों की दिन में कई बार काफी देर तक बिजली गुल रही। इससे उपभोक्ता गर्मी से बेहाल रहे। घरों और दुकानों में लगे इनवर्टर जवाब दे गए। दुकानदारों को जेनरेटर का सहारा लेना पड़ा।
मंगलवार को 33केवी लाइन में फाल्ट आने से ट्रांसमिशन के उपकरण जल गए थे। 18 विद्युत उपकेंद्र बंद होने से आधे जिले की बिजली दिन भर गुल रही। शाम को उपकरण बदलने के बाद बिजली चालू हुई थी। इसके बाद जिले में लोकल फाल्टों का सिलसिला शुरू हुआ, जो तीसरे दिन गुरुवार को भी खत्म नहीं हो पाया। गुरुवार सुबह करीब साढ़े सात बजे गंगापार क्षेत्र के अमृतपुर, सलेमपुर, राजेपुर, तहसील व शहरी क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र लकूला की 33 केवी लाइन के इंसूलेटर जल गए और तार टूट गए। इससे गंगापार के चार व शहरी क्षेत्र का एक विद्युत उपकेंद्र ठप हो गया।
खराब हुए इंसूलेटर बदलने के लिए शहरी क्षेत्र के कुटरा, फतेहगढ़, ठंडी सड़क और जसमई विद्युत उपकेंद्र को बंद करा दिया गया। इससे पूरे शहर की बिजली सुबह गुल हो गई। दो घंटे बाद शहरी क्षेत्र की बिजली चालू कर दी गई। इसके बाद फतेहगढ़, कुटरा विद्युत उपकेंद्र के फीडरों की 11 केवी लाइन में दिन में कई बार फाल्ट आए। इससे 30 मोहल्लों की बिजली दिन में करीब चार घंटे फिर बंद रही। दिन में बिजली कुछ देर आने के बाद कई घंटे गायब होने से शहरी लोग गर्मी से बेहाल रहे। वहीं, गंगापार क्षेत्र के चार विद्युत उपकेंद्रों से करीब तीन सौ गांव को बिजली दी जाती है। सुबह साढ़े सात बजे से बंद बिजली दिन में 12 बजे चालू हुई। डेढ़ बजे फिर से ढाई घंटे की रोस्टिंग कर दी गई। इससे क्षेत्र के उपभोक्ता गर्मी से बेहाल रहे।
संवाद न्यूज एजेंसी शमसाबाद के अनुसार, विद्युत उपकेंद्र के फैजबाग फीडर के 11 केवी पोल को अज्ञात वाहन ने गुरुवार सुबह आठ बजे टक्कर मार कर तोड़ दिया। जिससे गांव लहरा, तुर्क ललैया, खुड़ना,किसरौली, अरियारा व धमगमा गांव की बिजली दिन भर गुल रही। एसएसओ लालमिया ने बताया कि पोल का इंतजाम किया जा रहा है। पोल मिलते ही लगवा कर बिजली चालू कराई जाएगी।