फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिता, मां के बाद बेटा बना विधायक

Sat, 11 Mar 2017 11:53 PM IST
अमर उजाला/फर्रुखाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
फर्रुखाबाद सदर सीट पर एक बार फिर भगवा झंडा फहराया। पिता ब्रह्मदत्त (पांच बार), मां प्रभा द्विवेदी (एक बार) के बाद बेटे मेजर सुनील दत्त द्विवेदी के सिर पर विधायकी का ताज सजा। मेजर ने 45439 वोटों से ऐतिहासिक जीत हासिल की है।
विज्ञापन



फर्रुखाबाद सदर सीट पर 1977 में ब्रह्मदत्त द्विवेदी जीतकर पहली बार विधायक बने थे। इसके बाद 1985 में वह दोबारा जीते। इसके बाद 1989 में उन्हें कांग्रेस के विमल प्रसाद तिवारी से हार का सामना करना पड़ा।

अगली बार जबरदस्त वापसी करते हुए ब्रह्मदत्त ने 1991, 1993 व 1996 में भाजपा की टिकट पर जीतकर इस सीट पर पहली हैट्रिक लगाने का इतिहास रचा। प्रदेश सरकार में वह राजस्व व ऊर्जा मंत्री भी बने। विधायक रहते हुए उनकी हत्या के बाद 1997 में हुए उप चुनाव में ब्रह्मदत्त की पत्नी प्रभा द्विवेदी एकतरफा जीतीं। प्रदेश सरकार में वह भी कैबिनेट मंत्री बनी थीं।
विज्ञापन



इसके बाद 2002 में विजय सिंह, 2007 में अनंत मिश्र अंटू, 2007 व 2012 में विजय सिंह विधायक बने। 2012 में तो मेजर 147 वोटों के करीबी अंतर से हार गए थे। इस परिवार में सबसे ज्यादा लगातार 21 साल तक विधायकी का ताज रहने का रिकार्ड है। बीते 15 सालों से वनवास झेल रहे इस परिवार ने एक बार फिर वापसी कर दी है।


फर्रुखाबाद जिले की सियासत पर नजर डालें तो पूर्व कैबिनेट मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी के बेटे मेजर सुनील दत्त द्विवेदी लाल बत्ती के सबसे प्रबल दावेदार हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने चुनावी जनसभा को मोबाइल पर संबोधन के दौरान इसके संकेत भी दिए थे।
विज्ञापन


केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अंदर भी इस परिवार की गहरी पकड़ मानी जाती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें