गांव करनपुर दत्त का तालाब। संवाद
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फर्रुखाबाद। जनपद में अमृत सरोवर के लिए 49 तालाब ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। शासन से भेजी गई 100 तालाबों की सूची के आधार पर सत्यापन कराया गया तो इसमें 51 तालाब ही मिल पाए, इनमें कई पर कब्जा और अवैध निर्माण हो चुका है। जबकि कुछ तालाब गांव से काफी दूर मिले हैं। अब इन तालाबों को कब्जा मुक्त कराने की कवायद शुरू कर दी गई है।
आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जनपद में बारिश के जल का संचयन करने के लिए 100 अमृत सरोवर बनाए जाएंगे। गांव के अंदर या पास में ही स्थित तालाबों का सुंदरीकरण कराकर इन्हें अमृत सरोवर का रूप देना है।
इसके लिए शासन से 100 तालाबों की सूची भेजी गई है। इनमें तहसील कायमगंज क्षेत्र में सर्वाधिक 80 तालाब हैं। जबकि तहसील सदर में 11 व अमृतपुर क्षेत्र में नौ तालाबों को अमृत सरोवर बनाने की योजना है। इनमें सात अमृत सरोवर जिला पंचायत से, 21 क्षेत्र पंचायत व शेष ग्राम पंचायतों से बनवाए जाएंगे।
निर्माण में मनरेगा के अलावा, राज्य व केंद्रीय वित्त आयोग की भी धनराशि खर्च की जाएगी। अमृत सरोवर में नालियों आदि का गंदा पानी नहीं जाने दिया जाएगा। इसके चारों ओर सुंदरीकरण कार्य के साथ ही पौधरोपण किया जाएगा। लोग यहां बैठकर शुद्ध वातावरण का आनंद ले सकेंगे। कम से कम एक एकड़ भूमि पर तालाब का निर्माण होगा। एक हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल होने पर निर्माण की जिम्मेदारी लघु सिंचाई विभाग को सौंपी गई है।
शासन से भेजी गई सूची के आधार पर तकनीकी सहायक, एडीओ, एपीओ व लघु सिंचाई विभाग के अवर अभियंता से सत्यापन कराया गया। इस दौरान कई तालाब अतिक्रमण से घिरे मिले तो कई पर खेती की जा रही है। कुछ तालाब गांव से काफी दूरी पर होने की वजह से अमृत सरोवर के लिए उपयुक्त नहीं पाए गए।
डीआरडीए के परियोजना निदेशक/डीसी मनरेगा राजमणि वर्मा ने बताया कि 51 तालाबों का चिह्नांकन कर लिया गया है। जिन तालाबों पर कब्जा मिला है, उनकी राजस्व टीम से पैमाइश कराई जाएगी। इसके बाद एसडीएम को पत्र लिखकर कब्जामुक्त कराया जाएगा। अगस्त तक अमृत सरोवरों का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है।