कंपिल-अलीगंज मार्ग पर सड़क की जांच करते आरईएस के कर्मचारी। संवाद
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कंपिल। छह करोड़ से बन रही सड़क की गुणवत्ता की जांच करने पहुंचे अधिकारियों के सामने सांसद के रिश्तेदार ने अधूरा व मानकविहीन निर्माण कराने का आरोप लगाया। इस पर अधिकारियों की उनसे नोकझोंक हो गई। अधूरे निर्माण पर पूरा भुगतान होने की बात कहने पर अधिकारी बिफर गए। मौके पर भीड़ भी लग गई।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत कंपिल के निजामुद्दीनपुर चौराहे से अलीगंज सीमा तक 9.20 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण छह करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। इसमें चार करोड़ 32 लाख 52 हजार रुपये से डामरीकरण व शेष धन से 1.70 किमी सीमेंटेड सड़क व पुलियों का निर्माण होना है। इस धनराशि में पांच वर्षों तक सड़क की मरम्मत के लिए 57.03 लाख का खर्च भी शामिल है।
सोमवार को आरईडी के सहायक अभियंता विनोद कुमार, राष्ट्रीय गुणवत्ता निरीक्षक एनएन विनलानन के साथ सड़क की जांच करने पहुंचे। टीम ने सड़क की दो जगह खोदाई कर डामर की मात्रा देखी। इसी बीच सांसद मुकेश राजपूत के रिश्तेदार कंपिल निवासी स्वदेश राजपूत आ गए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण मानकविहीन है। नौ जून को सड़क का निर्माण पूरा दिखा दिया गया है, जबकि सीसी व पुलियों का निर्माण अधूरा है। रास्ते में एक स्कूल व कटिया गांव के पास जानलेवा ब्रेकर बना दिए गए हैं। इससे आए दिन राहगीर बाइक सहित गिरकर घायल हो जाते हैं।
कंपिल से निजामुद्दीनपुर चौराहे तक सड़क जर्जर है। उस हिस्से को छोड़ दिया गया। शिकायतों पर राष्ट्रीय गुणवत्ता निरीक्षक ने चुप रहने व जांच में दखल न देने की हिदायत दी। इस पर दोनों के बीच नोकझोंक हो गई। मौके पर भीड़ लग गई।
एई ने बताया कि जांच में पीसी की थिकनेस दो सेंटीमीटर की जगह तीन सेंटीमीटर मिली है, जो मानक से अधिक है। निर्माण के अनुसार भुगतान हुआ है। प्रधानमंत्री सड़क योजना ग्रामीण क्षेत्र के लिए है। नगर पंचायत होने से कंपिल चौराहे से सड़क का निर्माण छोड़ा गया है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग से टेंडर भी हो गया है।