फर्रुखाबाद। अवैध नलकूप कनेक्शन का बिजली बिल जारी कर जमा कराने का मामला जांच में खुल गया है। जांच कमेटी ने कायमगंज के पूर्व एक्सईएन (वर्तमान में हाथरस में तैनात) और टीजीटू (टेक्निकल ग्रुप 2) कर्मी को दोषी ठहराया है। कमेटी ने इसकी रिपोर्ट अधीक्षण अभियंता को भेज दी है।
नवाबगंज क्षेत्र के गांव हरदुआ निवासी राजवीर ने इस्टीमेट की धनराशि जमा किए बिना विभाग के स्टोर से सामग्री प्राप्त कर नलकूप की लाइन 2018 में बनवाई थी। अवैध तरीके से नलकूप चलाने की शिकायत पर हुई जांच में राजवीर के नलकूप का कनेक्शन अवैध मिला था।
फर्जीवाड़ा कर स्टोर से सामग्री मिलने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद राजवीर का नलकूप चलता रहा। इसकी शिकायत पर अधीक्षण अभियंता एसके श्रीवास्तव ने जांच के लिए एक्सईएन शहरी आरबी यादव, एक्सईएन ग्रामीण सुरेंद्र कुमार और लेखाकार रमेश चंद्र की कमेटी बनाकर जांच कराई।
जांच में अवैध घोषित हुए कनेक्शन को वैध करने का मामला सामने आया। कायमगंज डिवीजन में तैनात रहे एक्सईएन राहुल बाबू कटियार ने शिकायत पर जांच शुरू होने से पहले 11 अप्रैल को ऑनलाइन फीडिंग कराकर राजवीर को नलकूप का कनेक्शन नंबर जारी कर दिया था। 1.40 लाख रुपये का बिल बनाकर 70 हजार रुपये भी जमा करा लिए। उसके नलकूप की काटी गई बिजली लाइन को भी जुड़वा दिया था।
नलकूप कनेक्शन की फीडिंग टीजीटू रविंद्र यादव ने अपनी आईडी से कर अवैध को वैध कर दिया। जांच में अवैध कनेक्शन को वैध बनाने का खेल करने में तत्कालीन एक्सईएन राहुल बाबू और वर्तमान में तैनात टीजीटू रविंद्र यादव को दोषी बताया गया है। कमेटी ने जांच रिपोर्ट अधीक्षण अभियंता को भेज दी है। एक्सईएन शहरी आरबी यादव ने बताया कि जांच रिपोर्ट अधीक्षण अभियंता को भेज दी है।
पूर्व एक्सईएन राहुल बाबू और टीजीटू रवींद्र यादव दोषी पाए गए हैं। अधीक्षण अभियंता एसके श्रीवास्तव ने बताया कि जांच रिपोर्ट को उच्च अधिकारियों के पास भेजा जाएगा। राहुल बाबू कटियार का कुछ दिन पूर्व ही जनपद हाथरस के लिए तबादला हो गया है।