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गेहूं न आने से ठप पड़े क्रय केंद्र, आढ़तों पर भी सन्नाटा

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सातनपुर मंडी में बंद पड़ा गेहूं क्रय केंद्र। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। जनपद में इस बार गेहूं की सरकारी खरीद की स्थिति बहुत ही दयनीय है। गेहूं न आने से सरकारी क्रय केंद्र ठप पड़े हैं। अब तो आढ़तों पर भी सन्नाटा पसर गया है। दो माह में एक प्रतिशत भी गेहूं की सरकारी खरीद नहीं हो सकी। केंद्र प्रभारियों का किसानों से संपर्क भी बेअसर साबित हो रहा है।
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शासन से निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद के लिए 40 सरकारी क्रय केंद्र संचालित हैं। एक अप्रैल से 15 जून तक 36 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य है। करीब दो माह बीत रहे हैं। अब तक लक्ष्य के सापेक्ष एक प्रतिशत भी गेहूं की सरकारी खरीद नहीं हो सकी है।
पहले आढ़तों पर 2100 से 2150 रुपये क्विंटल गेहूं बिकने से किसानों ने पंजीकरण कराने के बावजूद सरकारी क्रय केंद्रों का रुख नहीं किया। गेहूं के निर्यात पर रोक लगने से पिछले 15 दिनों में बाजार भाव भी कुछ गिरा है।
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इन दिनों आढ़तों पर 2050 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं बिक रहा है। शनिवार को शहर की सातनपुर मंडी में सन्नाटा पसरा था। गेहूं न आने से खाद्य विभाग के केंद्र पर ताला पड़ा था। कर्मचारी गुड्डू कुछ दूरी पर पेड़ की छांव में बैठा था। पीसीएफ केंद्र भी बंद था। एफसीआई के क्रय केंद्र पर पल्लेदार भोजन कर रहे थे। गेहूं न आने से इलेक्ट्रानिक कांटा भी बाहर नहीं निकाला गया था।
पूछने पर पल्लेदारों ने बताया कि केंद्र प्रभारी किसानों से संपर्क करने गांव गए हैं। खरीद की स्थिति पर नजर डालें तो इन तीनों क्रय केंद्रों पर 4600 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 506 क्विंटल गेहूं ही खरीदा जा सका है।
अब तो अधिकांश आढ़तों पर भी सन्नाटा है। एक-दो किसान ही 10-20 क्विंटल गेहूं लेकर पहुंच रहे हैं। सभी 40 सरकारी क्रय केंद्रों पर 36000 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 295 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा सका है। जो लक्ष्य का 0.82 प्रतिशत है।
कोई किसान गेहूं देने को राजी नहीं
सातनपुर मंडी में एफसीआई क्रय केंद्र प्रभारी संदीप कुमार ने राजेपुर क्षेत्र के गांव ईमादपुर जाकर किसानों से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि गांव में अधिकांश लोग अपना गेहूं बेच चुके हैं। चार-पांच किसानों के पास करीब 20-20 क्विंटल गेहूं बेचने के लिए है। संपर्क करने पर किसान भाव बढ़ने की उम्मीद में गेहूं बेचने को राजी नहीं हुए। किसानों का कहना है कि इस बार 40 प्रतिशत उत्पादन कम हुआ। कई किसानों के पास तो उनकी जरूरत से कम उत्पादन हुआ है। इससे एक भी किसान केंद्र पर गेहूं लाने के लिए राजी नहीं हुआ।
डिप्टी आरएमओ विवेक सिंह ने बताया कि इस बार गेहूं खरीद की स्थिति काफी खराब है। केंद्र प्रभारियों के किसानों से संपर्क करने के बाद भी खरीद नहीं बढ़ पा रही है। फिर भी प्रयास करना उनकी जिम्मेदारी है।
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