फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल में फ्लू/कोरोना अधिकारी सर्जन डॉ. इमरान को ड्यूटी से घर जाते वक्त सीओ सिटी मन्नीलाल गौंड ने अभद्रता कर दी। इससे गुस्साए डॉक्टरों ने अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं में भी तालाबंदी कर दी। करीब दो घंटे बाद सीओ सिटी ने डॉक्टर इमरान से माफी मांगी, तब डॉक्टरों और कर्मचारियों ने काम शुरू किया। करीब ढाई घंटे मरीजों को खासी दिक्कतें हुईं।
लोहिया में तैनात सर्जन डॉ. इमरान दोपहर करीब साढ़े 12 बजे अस्पताल से खैराती खां मोहल्ला स्थित अपने घर जा रहे थे। लालगेट पर सीओ सिटी मन्नीलाल गौंड चेकिंग कर रहे थे। उन्होंने डॉ. इमरान को रोका, तो उन्होंने अपना आईकार्ड दिखाया। मगर सीओ ने न जाने देने की हिदायत दे दी। डॉ. इमरान की सूचना पर पहुंचे ईएमओ डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी को देख सीओ सिटी ने गाड़ियों का चालान करने की धमकी दी। आरोप है कि सीओ सिटी की शैली काफी अभद्र थी। इस पर दोनों डॉक्टर लोहिया पहुंचे और प्रशासनिक सीएमएस डॉ. राजेश तिवारी समेत अन्य डॉक्टरों को बताया। इमरजेंसी में तालाबंदी कर दी गई। जमकर नारेबाजी की। कुछ ही देर में सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार मौर्य पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक सीएमएस, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. बीके दुबे के सामने सीओ सिटी के न आने की बात कही और खुुद हाथ जोड़कर सॉरी कहने लगे। इस पर डॉ. बीके दुबे, डा. गौरव मिश्रा बिफर गए। डॉ. गौरव मिश्रा ने पीपीई किट भी उतारकर फेंक दी। कहा कि हम इस तरह काम नहीं कर सकते। जब तक सीओ सिटी माफी नहीं मांगते, कोई काम नहीं होगा। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट वापस चले गए।
कुछ ही देर में एडीएम विवेक श्रीवास्तव, एएसपी त्रिभुवन सिंह भी पहुंच गए। उन्होंने काफी देर तक डॉक्टरों को समझाया, मगर किसी भी कीमत पर वे मानने को तैयार नहीं हुए। डॉक्टर, सभी स्टाफ ओपीडी में पहुंचा। वहीं नारेबाजी की। डॉक्टरों के गुस्से को देख अफसरों ने उच्चाधिकारियों को मामला बताया। इस पर करीब पौने तीन बजे सीओ सिटी मन्नीलाल गौंड सीएमएस कार्यालय पहुंचे। उन्होंने डॉ. इमरान से सॉरी कहा, इस पर मामला खत्म हो गया और सभी डॉक्टर तीन बजे इमरजेंसी पहुंचकर सेवाएं चालू कर दीं।