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निर्यात पर रोक से गेहूं का भाव 100 रुपये टूटा, किसान मायूस

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कमालगंज मंडी में आढ़त पर बोरी में गेहूं भरता पल्लेदार। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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कमालगंज। निर्यात पर रोक लगाने से गेहूं का भाव सोमवार को 100 रुपये प्रति क्विंटल तक टूट गया। अभी तक नवीन मंडी में 2100 रुपये क्विंटल बिक रहा गेहूं सोमवार को दो हजार के भाव पर आ गया। मंडी में गेहूं बेचने पहुंचे किसानों को भाव गिरने से झटका लगा।
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10 वर्ष बाद किसानों को मंडी में गेहूं का भाव सरकारी रेट से भी ज्यादा मिला। सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं का भाव 2015 रुपये क्विंटल है, जबकि मंडी में 21 सौ से 22 सौ रुपये तक का भाव रहा। अब गेहूं के निर्यात पर रोक से भाव गिरने लगा है।
सोमवार को गंगापार के कड़हर गांव से मंडी में गेहूं बेचने पहुंचे आदर्श दुबे ने बताया कि वैसे भी इस बार गेहूं पतला रह जाने से पैदावार कम हुई। उस पर गेहूं का भाव कम होने लगा। इससे किसानों को मायूसी है।
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दिल्ली की नरेला व गुजरात की गांधीधाम मंडी में भी भाव गिरे
- गल्ला आढ़ती संजीव गुप्ता ने बताया कि दिल्ली की नरेला व गुजरात की गांधीधाम मंडी में गेहूं अधिक भेजा जा रहा था। इन दोनों मंडियों में भाव गिर गए। इसलिए स्थानीय मंडी में 100 रुपये की गिरावट आई है।
यदि निर्यात पर रोक न लगती तो एक माह के भीतर भाव 24 सौ से 25 सौ रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच सकता था। अमूमन सीजन में चार हजार बोरी मंडी में रोज आती थी। इस बार बमुश्किल एक हजार बोरी गेहूं ही आया।
भाव और गिरा तो क्रय केंद्रों पर आवक बढ़ने की उम्मीद
गेहूं के निर्यात पर रोक की खबर लगते ही व्यापरियों ने खरीद में ढिलाई कर दी। इसका नतीजा भी सामने आ गया। दो दिन में गेहूं के दाम 100 रुपये क्विंटल गिर गए। मंडी में दो क्रय केंद्र खोले गए हैं। अब तक दोनों केंद्रों पर करीब आठ किसानों से 186 क्विंटल ही गेहूं खरीद हो सकी है।
अभी भी किसान क्रय केंद्रों पर अपना गेहूं बेचना पसंद नहीं कर रहे हैं। किसान धर्मवीर ने बताया कि क्रय केंद्र और बाजार के भाव अभी ज्यादा अंतर नहीं है, लेकिन सरकारी केंद्रों पर तमाम झंझटें हैं। इससे क्रय केंद्रों पर गेहूं नहीं पहुंच रहा है। अगर भाव और गिरा तो क्रय केंद्रों पर आवक बढ़ेगी।
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