फर्रुखाबाद। कायमगंज तहसील में रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के बाद जिलाधिकारी ने महिला कर्मी को निलंबित कर दिया। उन्हें कलक्ट्रेट कार्यालय से संबद्ध किया गया है। विभागीय कार्रवाई के लिए अपर उपजिलाधिकारी को जांच सौंपी है।
कायमगंज तहसील में रिश्वतखोरी के दो वीडियो वायरल होने से भ्रष्टाचार की पोल खुल गई है। 40 हजार रुपये रिश्वत मांगने में नायब नाजिर श्रवण कुमार को जिलाधिकारी ने चार अप्रैल को निलंबित किया था। यह मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि मंगलवार को सहायक वासिल बाकी नवीस (एडब्ल्यूबीएन) रेनू सक्सेना के सामने कार्यालय में उनके भाई सागर का 250 रुपये रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हुआ।
यह जिलाधिकारी के पास पहुंच गया। वीडियो देखने के बाद जिलाधिकारी ने एसडीएम व रेनू सक्सेना का पक्ष सुना। इसमें रेनू सक्सेना ने कहा कि सागर उनका चचेरा भाई है। काम की अधिकता की वजह से वह सहयोग के लिए उसे कार्यालय बुलाती थीं। हो सकता है कि रुपये देने वालों की सागर से रंजिश हो या उनका उधार का लेनदेन हो।
एसडीएम कायमगंज गौरव शुक्ला ने अपनी आख्या में इसे कर्मचारी नियमावली का उल्लंघन मानते हुए रेनू को निलंबित करने की संस्तुति की। इस पर जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने एडब्ल्यूबीएन रेनू सक्सेना को निलंबित करते हुए कलक्ट्रेट के संयुक्त कार्यालय से संबद्ध कर दिया। उन्होंने अपर उपजिलाधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया है।