कंपिल। थानाक्षेत्र के दूदेमई गांव में बोरसी से उठी चिंगारी से 11 झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। दो बकरी, एक बछड़ा की मौत हो गई। दो मवेशी झुलस गए। ग्रामीणों ने पंपिंग सेट चलाकर व बाल्टियों से पानी डालकर आग पर काबू पाया। आग से नौ हजार रुपये व तीन लाख की संपत्ति भी नष्ट हो गई।
दूदेमई गांव निवासी राधेश्याम शुक्रवार सुबह परिवार के साथ खेत पर गए थे। झोपड़ी में बोरसी पर दूध उबल रहा था। सुबह करीब 11 बजे बोरसी से उठी चिंगारी घर के छप्पर पर गिरने से आग लग गई। इससे छप्पर जल उठा। घटना के वक्त तेज हवा चल रही थी। इससे आग ने पड़ोसी श्रीकृष्ण, गुड्डू, रामौतार, सुरेंद्र, अजीत, चंद्रकेश, छोटे, गजेंद्र, जयदेव, सत्यदेव के घरों को चपेट में ले लिया। घटना के समय इन घरों के सभी लोग खेतों में काम करने गए थे। लपटें देख आसपास के लोग दौड़े और पंपिंग सेट चलाकर व बाल्टियों में पानी भरकर आग पर फेंका, लेकिन आग नहीं बुझी। लपटें फैलती देख पुलिस को सूचना दी गई। इस पर कंपिल थाने के दरोगा दीपक त्रिवेदी, श्यामबाबू फोर्स के साथ पहुंचे। थोड़ी देर बाद दमकल की गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई, लेकिन तब तक आग बुझ चुकी थी। दमकल कर्मियों ने सुलग रहे उपलों के ढेर पर पानी डालकर आग पूरी तरह बुझा दी।
आग से राधेश्याम के घर में रखे नौ हजार रुपये, सिलाई मशीन, बिस्तर, कपड़े, अनाज जल गया। दो बकरी, एक बछड़े की जलकर मौत हो गई। दो मवेशी झुलस कर घायल हो गए। इसके अलावा अन्य घरों में रखा अनाज, कपड़े, चारपाई, बिस्तर व सारा घरेलू सामान जल गया। सूचना पर पहुंचे लेखपाल ने आग से हुए नुकसान का आकलन किया।