फर्रुखाबाद। निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार के तहत छात्रों का दाखिला करने वाले स्कूलों को साल भर की शुल्क प्रतिपूर्ति (फीस) के लिए अब 4950 रुपये प्रति छात्र के स्थान पर सिर्फ 53 रुपये ही मिलेंगे। यह धनराशि विद्यालय के खातें में भेजी जाएगी। इसमें यूनिफार्म व कापी-किताबें खरीदने के लिए छात्रों को शासन से मिलने वाले धन की कटौती की गई है।
निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार के तहत जिले में 40 विद्यालयों में 192 छात्र-छात्राएं दाखिला प्राप्त कर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। शासनादेश के तहत विद्यालयों को प्रति छात्र शुल्क प्रतिपूर्ति (साल भर की फीस) 4950 रुपये और यूनिफार्म, कापी किताबें खरीदने के लिए छात्र के अभिभावक को साल में एक बार 5000 रुपये मिलते हैं।
शैक्षिक सत्र 2021-22 में शुल्क प्रतिपूर्ति और छात्रों को दी जाने वाली धनराशि का भुगतान करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग को शासन से बहुत कम धन मिला है। इससे प्रति छात्र 5000 हजार के स्थान पर 2838 रुपये अभिभावकों के खातों में भेजे गए थे। अब 40 विद्यालयों को शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि भेजने की तैयारी चल रही है। इसके लिए शासन से 10176 रुपये का बजट आया है।
उसके आधार पर 40 विद्यालयों में पढ़ रहे 192 छात्रों के हिसाब से प्रति छात्र 53 रुपये ही शुल्क प्रतिपूर्ति पड़ रही है। इस आधार पर प्रति छात्र 53 रुपये शुल्क प्रतिपूर्ति भुगतान कॉलेजों को करने की तैयारी विभागीय अधिकारियों ने शुरू कर दी है। बीएसए लालजी यादव ने बताया कि शासन से बजट ही नहीं आया है। शैक्षिक सत्र समाप्त होने वाला है। जो बजट है, उस हिसाब से प्रति छात्र 53 रुपये बतौर शुल्क प्रतिपूर्ति विद्यालयों के खातों में भेजी जाएगी।