मसेनी स्थित अस्पताल में टूटा दरवाजा व अन्य सामान। संवाद
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फर्रुखाबाद। महिला की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया तो अस्पताल कर्मियों और परिजनों में मारपीट हो गई। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी। सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझाकर जाम खुलवाया। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। परिजनों ने एक दलाल व डॉक्टरों के खिलाफ तहरीर दी है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव चांदपुर के मजरा कोरी नगला निवासी राजेश्वरी देवी(45) के पेट में पथरी थी। पड़ोसी युवक के कहने पर परिजनों ने राजेश्वरी को शहर के मसेनी चौराहा स्थित एक अस्पताल में आठ दिसंबर को ऑपरेशन करवा दिया। एक लाख रुपये खर्च होने के बाद 15 दिसंबर को थोड़ा होश आने पर छुट्टी कर दी। अगले ही दिन उनकी हालत बिगड़ गई और बोलना बंद कर दिया। परिजन 16 दिसंबर को अस्पताल लेकर पहुंचे, तो एक लाख रुपये और देने का दबाव बनाया। बिना इलाज किए ही अस्पताल से बाहर निकाल दिया। परिजन कई अन्य अस्पतालों में ले गए। किसी ने भर्ती नहीं किया। सोमवार रात करीब साढ़े 11 बजे राजेश्वरी की घर पर ही मौत हो गई। मंगलवार सुबह परिजन शव लेकर अस्पताल पहुंचे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।
राजेश्वरी के पुत्र नितेश ने लापरवाही का आरोप लगाया तो अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ ने मारपीट शुरू कर दी। इससे परिजन गुस्सा गए और अस्पताल के शीशे, बेंचें, कूलर आदि तोड़ डाले। बाद में मसेनी-कादरीगेट मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। इससे वाहनों की कतारें लग गईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझाकर आधा घंटे बाद जाम खुलवा दिया। शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पुत्र रवि ने थाने में तहरीर देकर गांव के ही एक दलाल, तीन डॉक्टरों सहित छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
‘महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।’
-प्रदीप कुमार सिंह, सीओ सिटी।