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बोर्ड की आपात बैठक में ईओ को रिलीव करने का प्रस्ताव पास

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फर्रुखाबाद। नगर पालिका परिषद की ईओ रश्मि भारती को बोर्ड की बैठक में सर्वसम्मति से रिलीव करने का प्रस्ताव पास कर दिया गया। सदस्यों ने ईओ के खिलाफ भड़ास निकाली। कहा कि आज विकास की जीत हुई है। जनविरोधी ईओ से मुक्ति मिल गई है। अब नगर में विकास कार्य होंगे। इस प्रस्ताव का भाजपा के सदस्यों ने भी सर्वसम्मति से समर्थन किया। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि सदन का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। अंतिम निर्णय शासन को ही लेना है।
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नगर पालिका सभागार में शाम तीन बजे आपात बैठक बुलाई गई। पालिका के बड़े बाबू नसीम हैदर ने बैठक की कार्रवाई पढ़ी। कहा कि अधिशासी अधिकारी रश्मि भारती के आचरण/ क्रियाकलाप के संबंध में बोर्ड के समक्ष विचारार्थ रखा जा रहा है। इसके बाद सभासदों ने अपनी-अपनी बात रखी। सभासद अतुल शंकर दुबे ने कहा कि शासन का आदेश 11 बजे तक दफ्तर में बैठने का है, मगर रश्मि कभी नहीं बैठीं। प्रबल त्रिपाठी ने कहा कि ईओ काम के प्रति उदासीन हैं। रफी अंसारी ने कहा कि कई कार्यों में बड़ी धांधली की गई है। रावेश मिश्रा, शाहरयार खां ने ईओ के कार्यकाल में हुईं खामियों को उजागर किया। इस दौरान सभी सदस्य मेजें थपथपाते रहे। धर्मेंद्र कनौजिया ने कहा कि सदन की इच्छा है कि ईओ रश्मि भारती को रिलीव कर दिया जाए।
पालिकाध्यक्ष वत्सला अग्रवाल ने कहा कि सदन के सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त किए। अब ईओ रश्मि भारती को रिलीव करने की सहमति के लिए सदस्य अपने हाथ उठाएं। इसके बाद सभी सदस्य खड़े हो गए और हाथ ऊपर कर लिए। इससे प्रस्ताव पास हो गया। अंत में पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार मौर्य ने कहा कि सदन ने अपना प्रस्ताव पास कर दिया है। यहां ईओ को रिलीव करने का अधिकार नहीं है। इस प्रस्ताव को शासन के लिए भेजा जाएगा। अंतिम निर्णय शासन को ही लेना है। बैठक में 42 में से 40 सदस्य मौजूद रहे। सभासद सुबोध यादव और राकेश गंगवार सदन से नदारद रहे।
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नगर पालिका परिषद अध्यक्ष वत्सला अग्रवाल ने कहा कि यह दलगत राजनीति का मामला नहीं था। शहर का विकास काफी प्रभावित हुआ है। सपा, बसपा, भाजपा सभी के सभासदों ने विकास का साथ दिया है। उनकी मंशा है कि अब शहर में तेजी से काम हों।’
वहीं ,नगर पालिका बोर्ड की बैठक में प्रदेश की सत्ता पर काबिज भाजपा चारों खाने चित दिखाई दी। बसपा से पालिकाध्यक्ष का चुनाव जीतने वाली वत्सला अग्रवाल ने साबित कर दिया कि पालिका में अभी भी उनका ही सिक्का बुलंद हैै। पालिका बोर्ड में कुल सदस्यों की संख्या 42 है। इसमें पांच सदस्यों में प्रबल त्रिपाठी, अशोक वर्मा, आदेश गुप्ता की पत्नी, विकास त्रिवेदी और मृदुल कटियार की मां भाजपा के सिंबल पर जीती थीं।
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद सभासद श्यामसुंदर लल्ला, अनुभव कनौजिया, बाबू अग्निहोत्री की पत्नी, अतुल शंकर दुबे और संजीव बाजपेई ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। इसके अलावा धर्मेंद्र कनौजिया की पत्नी नीता कनौजिया भाजपा की फर्रुखाबाद पूर्वी मंडल की अध्यक्ष भी हैं। इससे भाजपा के कुल 11 सदस्य होते हैं। ऐसे में सदन में लाए गए प्रस्ताव को गिराने के लिए मात्र तीन सदस्यों का और जुगाड़ करना था। सत्ताधारी पार्टी भाजपा इन तीन सदस्यों की जुगाड़ करना तो दूर अपने सभासदों को भी नहीं रोक सकी और सभी ने एक स्वर से पालिकाध्यक्ष गुट का साथ दिया। इससे भाजपा की खासी आलोचना हो रही है।
बोर्ड की बैठक में चर्चा के दौरान सभासदों ने एक बात काफी जोरशोर से उठाई कि ईओ रश्मि भारती से जब खराब पड़े शहर के वाटर कूलर सही कराने तथा गर्मी में नए वाटर कूलर लगवाने का पत्र दिया गया, तो उन्होंने पालिकाध्यक्ष को लिखित में भेजा कि वाटर कूलर न तो नए लगेंगे न ही सही होंगे। प्याऊ लगवाएंगे। यही नहीं तलैया मोहल्ले की बदहाल स्थिति से निपटने को अंडरग्राउंड नाला बनाने की बात भी ईओ ने किसी भी कीमत पर पूरी नहीं होने दी। इससे भी सभासद खासे नाराज दिखे।
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