फर्रुखाबाद। कोरोना संक्रमित मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होने पर दिया जाने वाला इंजेक्शन ही स्वास्थ्य विभाग के पास खत्म हो चुका है। जरूरत पड़ने पर तीमारदार मेडिकल स्टोर से खरीदकर इंजेक्शन मरीज को लगवा रहे हैं। भले ही इंजेक्शन कीमती नहीं है, लेकिन बाजार से इंजेक्शन लाने में समय लगने से मरीज को राहत भी देरी से मिल पा रही है। वहीं जिम्मेदार बोल रहे हैं कि लखनऊ से ही सप्लाई नहीं हो रही है। इस कारण समस्या है।
जनपद में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमित होने वाले मरीजों को सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं आ रहीं हैं। इससे वे अस्पताल का रुख कर रहे हैं। जिले में फतेहगढ़ स्थित एल-2 अस्पताल में 100, लोहिया अस्पताल में 20, कमालगंज सीएचसी में 20 व कायमगंज सीएचसी में 15 संक्रमित मरीज भर्ती करने की व्यवस्था है। इन अस्पतालों में मरीजों को भर्ती कर इलाज भी दिया जा रहा है। मरीज को सांस लेने में दिक्कत होने पर इटोफाइलिन थियोफाइलिन इंजेक्शन दिया जाता है। यह इंजेक्शन न अस्पताल में है और न ही सीएमओ कार्यालय स्टोर में उपलब्ध है। इसके अलावा कारपोरेशन के जिले में हरियाली बाजार स्थित स्टोर में भी इस इंजेक्शन की सप्लाई नहीं भेजी जा रही है। इससे संक्रमित मरीज को सांस लेने में दिक्कत होने पर तीमारदारों को बाजार से लाना पड़ रहा है। यह इंजेक्शन बाजार में सात रुपये का मिलता है, जबकि सरकारी रेट तीन रुपये है। इस इंजेक्शन की कीमत भले ही कम हो, लेकिन मरीज को राहत बड़ी पहुंचाता है।
कारपोरेशन के स्टोर प्रभारी रजनेश यादव ने बताया कि कोविड संबंधी दवाओं की आपूर्ति कारपोरेशन से सीधे सीएमओ के स्टोर में भेजी जाती है। इटोफाइलिन थियोफाइलिन इंजेक्शन उन्हें पिछले काफी दिनों से नहीं उपलब्ध हो रहे हैं।
सीएमओ कार्यालय के स्टोर प्रभारी चक्र सिंह यादव ने बताया कि यह इंजेक्शन कारपोरेशन के स्टोर से उन्हें उपलब्ध कराने जाते रहे हैं। इन दिनों स्टोर में इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। कारपोरेशन के स्टोर से इटोफाइलिन थियोफाइलिन इंजेक्शन मिलने पर अस्पतालों में भेजे जाएंगे।