फर्रुखाबाद। कोरोना मरीजों का इलाज करने वाले निजी अस्पताल संचालकों को रेमडेसिविर इंजेक्शन 1800 रुपये में मिलेगा। यह धनराशि रेडक्रास सोसायटी में जमा की जाएगी। वहीं सीएमओ कार्यालय से इंजेक्शन ले चुके अस्पताल संचालकों को पिछला भुगतान भी करना होगा।
कोरोना महामारी में संक्रमित गंभीर मरीजों के रेमडेसिविर इंजेक्शन रामबाण साबित हो रहा है। सरकारी सप्लाई होने से यह इंजेक्शन जिलाधिकारी व सीएमओ के अनुमोदन पर ही मरीज व निजी अस्पतालों को दिया जाता है। अभी तक निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों से इंजेक्शन का चार्ज नहीं लिया जाता था। हालांकि डॉक्टर उनसे वसूल ही लेते थे। शासन से अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने चार मई को आदेश जारी कर निजी अस्पतालों को रेमडेसिविर इंजेक्शन 1800 रुपये में देने को कहा है। गंभीर मरीज को छह डोज तक की जरूरत होती है। पहले दिन दो इंजेक्शन, फिर चार दिन एक-एक इंजेक्शन मरीज को दिया जाता है। छह इंजेक्शन के पूरे डोज के लिए निजी अस्पताल के मरीज को 10800 खर्च करने होंगे। उन्होंने आदेश में यह भी कहा कि यह इंजेक्शन डॉक्टर के पर्चे के आधार पर मरीज के परिजन को दिया जाएगा। मरीज के परिजन से पैसे लेकर उसे रसीद दी जाएगी। यह धनराशि रेडक्रास सोसायटी में जमा होगी। जिस मरीज को यह इंजेक्शन दिया जाएगा, उसका पूरा रिकार्ड भी सीएमओ कार्यालय में सुरक्षित रखा जाएगा।
वहीं सरकारी एल-2 व एल-3 अस्पताल में गंभीर मरीजों को इंजेक्शन निशुल्क लगाया जाएगा। सीएमओ डॉ.वंदना सिंह ने बताया कि चार मई के बाद जिन निजी अस्पताल संचालकों ने उनके स्टोर से रेमडेसिविर इंजेक्शन लिया है, उनके 1800 रुपये प्रति डोज के हिसाब से धनराशि वसूली जाएगी।