संकिसा। बौद्ध तीर्थ स्थल पहुंचे पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि स्तूप का विवाद आपसी सहमति से निपटाया जाएगा। बुद्ध सर्किट के विकास के लिए फर्रुखाबाद, मैनपुरी और एटा जिलों के अफसरों की कमेटी बनेगी। उनके सुझावों के आधार पर ही समग्र विकास होगा। मोहम्मदाबाद की हवाई पट्टी का भी विस्तार कराने का प्रयास होगा। मंत्री ने स्तूप की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना भी की।
बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह सोमवार दोपहर काली नदी के राजघाट पर स्थित वाईबीएस सेंटर के प्रमुख सुरेश चंद्र बौद्ध के साथ संकिसा स्थित कंबोडिया बुद्ध विहार पहुंचे। वहां जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव ने पर्यटन मंत्री से मुलाकात की।
उन्होंने गज स्तंभ को देखा। बाद में बौद्ध स्तूप की परिक्रमा कर पूजन भी किया। पत्रकार वार्ता में पर्यटन मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की बौद्ध तीर्थ समेत सभी ऐतिहासिक स्थलों के विकास पर नजर है। बुद्ध सर्किट का समग्र विकास होगा।
इसके लिए फर्रुखाबाद, मैनपुरी और एटा के अधिकारियों की एक कमेटी बनेगी। इस कमेटी की सिफारिशों का परीक्षण कर बौद्ध तीर्थ स्थल का विकास कराया जाएगा। यहां चौड़े मार्गों, जलापूर्ति, 24 घंटे बिजली आपूर्ति आदि से जुड़े काम कराए जाएंगे। इस क्षेत्र का समग्र विकास होगा। कमेटी की सिफारिश पर ही मोहम्मदाबाद की हवाई पट्टी का विस्तार होगा।
उन्होंने अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य से कहा कि वह लखनऊ आकर पूरे मामले की जानकारी दें। इसके बाद मिलकर विकास कार्य कराएंगे। मंत्री ने कहा कि स्तूप को लेकर जो भी विवाद है, उसे हर हाल में आपसी सहमति से निपटाया जाएगा। विकास कार्यों से क्षेत्र के लोगों को बड़ा फायदा होगा। यहां विदेशी पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा।
स्तूप को लेकर दोनों पक्षों में यह है विवाद
विवादित स्तूप परिसर को पुरातत्व विभाग ने अधिग्रहीत कर रखा है। परिसर में स्थित टीले को बौद्ध अनुयायी स्तूप मानकर पूजा-अर्चना करते हैं, जबकि सनातनधर्मी टीले पर विराजमान मां बिसारी देवी व अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं की पूजा करते हैं।
बच्चों के मुंडन संस्कार आदि धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। बौद्ध अनुयायी भगवान बुद्ध के स्वर्ग से सीधे इसी टीले पर अवतरित होने का दावा करते हैं, जबकि सनातनधर्मी मां बिसारी देवी का स्थल मानते हैं। स्वामित्व को लेकर मामला अदालत में विचाराधीन है।