फर्रुखाबाद। अमृतपुर क्षेत्र के गांव करनपुर दत्त निवासी गर्भवती को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने एंबुलेंस को फोन किया। जवाब मिला कि लॉकडाउन के चलते एंबुलेंस सेवा बंद है। परेशान परिजनों ने शाम को कंट्रोल रूम में फोन किया। इसके बाद एंबुलेंस गांव पहुंची। तब तक प्रसव होने के साथ नवजात की मौत हो चुकी थी।
गांव करनपुर दत्त निवासी सुखेंद्र की पत्नी रीनू को दोपहर बाद करीब तीन बजे प्रसव पीड़ा हुई। इस पर सुखेंद्र ने 102 व 108 सेेवा की एंबुलेंस को फोन किया। दोनों बार जवाब मिला कि कोरोना वायरस नियंत्रण को जारी लॉकडाउन में एंबुलेंस सेवा भी रोक दी गई है। इससे सुखेंद्र निजी वाहन की तलाश करता रहा, लेकिन कोई भी वाहन ले जाने को तैयार नहीं हुआ। शाम चार बजे सुखेंद्र ने जिलाधिकारी के कंट्रोल रूम में फोन कर जानकारी दी। वहां से एंबुलेंस भेजी गई। इस बीच रीनू को घर पर ही प्रसव हो गया। बच्चा फंसने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद एंबुलेंस गांव पहुंची। प्रसव हो जाने से प्रसूता को बिना लिए एंबुलेंस वापस चली गई। राजेपुर सीएचसी के डा.प्रमित राजपूत ने बताया कि एंबुलेंस सेवा बंद नहीं है। एंबुलेंस न भेजने में लापरवाही की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी।