लोहकिया अस्पताल में शंभूदयाल के रोते बिलखते परिजन। संवा न्यूज एजेंसी
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फर्रुखाबाद। पुत्र की हत्या में 11 माह से जिला जेल में बंद पिता की लोहिया अस्पताल में इलाज न हो पाने से हार्ट अटैक से मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव अजमतपुर निवासी शंभूदयाल जाटव (65) ने 7 फरवरी 2019 को पुत्र देव कुमार जाटव की हत्या कर दी थी। पुलिस ने शंभूदयाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तबसे वह जिला जेल में ही बंद था। कुछ दिन से उसकी तबीयत ठीक नहीं थी। 18 जनवरी को शंभूदयाल जाटव को पेट दर्द व पेशाब में जलन की शिकायत पर बंदी रक्षक लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉ. अशोक ने बंदी को जांच के लिए भेज दिया। जांच रिपोर्ट में देरी होने से सोमवार को दिखाने के लिए कहकर वापस जेल भेज दिया।
सोमवार को बंदी रक्षक शंभूदयाल को लेकर 11 बजे लोहिया अस्पताल पहुंचे। वहां पता चला कि डॉ. अशोक अवकाश पर हैं। डॉ. इमरान देखेंगे। वे आपरेशन कर रहे थे। जानकारी पर बाहर आए डॉ. इमरान ंने आपरेशन कक्ष से बाहर उसकी तबियत पूछी। बंदी रक्षक के ठीक बताने पर उन्होंने आपरेशन के बाद शंभूदयाल को देखने को कहा। लगभग दो बजे बंदी की हालत बिगड़ गई। उसको इमरजेंसी कक्ष में ले जाया गया। वहां डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि बंदी की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। बंदी रक्षक शव लेकर चले गए। जेल प्रशासन की ओर से परिजनों को सूचना दी गई। जानकारी पर पुत्र धर्मेंद्र, पुत्री रीता, पत्नी नीलम मौके पर आए और बिलखने लगे।