भारतीय स्टेट बैंक शाखा रेलवे रोड से एक लाख रुपये का फर्जी पेमेंट हो जाने पर बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के हाथपांव फूल गए। आनन-फानन सीसीटीवी कैमरे के फुटेज निकालकर फर्जी पेमेंट लेने वाले की शिनाख्त कराने का प्रयास किया गया। समाचार लिखे जाने तक फुटेज निकालकर पेमेंट निकालने वाले की पहचान जारी है।
बुधवार को हुआ यूं कि स्टेट बैंक में एक लाख रुपये का चेक सौम्या अग्रवाल के काउंटर पर आया। इस चेक को वहां किसी ने धीरे से उठा लिया और ले जाकर उसके काउंटर के सामने ही दूसरे काउंटर पर बैठीं नवोदिया मुखर्जी से पेमेंट ले लिया। जिस व्यक्ति के नाम से चेक था जब उसके मोबाइल पर मैसेज पहुंचा तो उसने मैनेजर से संपर्क किया। फोन आते ही बैंक में अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया और सभी लोग फुटेज निकालने की जुगत में लग गए।
समाचार लिखे जाने तक फुटेज निकालने का कार्य चल रहा है और किस व्यक्ति ने यह चेक कैश कराया। उसका अता-पता नहीं लग रहा है। इसी तरह की घटना इसी बैंक में करीबन सात साल पहले करीबन 64.50 लाख के आसपास फर्जी तरीके से कैश निकाल लिया गया था। इसके बाद कैशियर दिनेश मल्होत्रा को जेल भेज दिया गया था। तीन साल बाद वह जमानत पर रिहा होकर आए। उसी तरह की घटना फिर स्टेट बैंक में घटी है, जिसे बैंककर्मी दबाने का प्रयास कर रहे हैं।
इस संबंध में प्रबंधक नरेंद्र सिंह से जब जानकारी की गई तो उन्होंने कहा कि वह बाहर हैं। पता करके बताते हैं। बाद में उन्होंने बताया कि हो सकता है कि कैश गड़बड़ हुआ हो लेकिन अब मिल गया है।