फर्रुखाबाद। रामनगरिया मेले को लेकर पुण्य नगरी दुल्हन की तरह सजी है। भगवा रंग सजी रामनगरिया में गंगा मइया की जयजयकार शुरू हो गई है। मां भागीरथी का सतरंगी रोशनी के श्रंगार, दीपों की झिलमिलाहट व आरती के स्वरों के साथ शुक्रवार को मेले का उद्घाटन होगा। इसके बाद तंबू की नगरी से एक माह के लिए धार्मिक आयोजनों की गूंज चहुंओर फैल जाएगी।
मां भागीरथी के तट पर कल्पवास को कई जनपदों के श्रद्धालुओं ने डेरा जमा दिया है। इस बार उत्तर भारत में कहीं कुंभ न पड़ने से मेले का अधिक विस्तार हुआ है। कल्पवास क्षेत्र भी दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। मेला में बनाए गए नौ गेटों पर भगवा झंडा फहराने लगा है। प्रशासनिक पंडाल भी भगवा रंग का होने से मेले में प्रवेश करते ही भक्त श्रद्धा में सराबोर होने लगे। बिजली की झालरों से बिखरने वाली रंगबिरंगी रोशनी श्रद्धा में उत्साह बढ़ा रही हैं। भगवा रंग के सभी गेट रोशनी से झिलमिला रहे हैं। शुक्रवार को मेले के उद्घाटन को लेकर एसडीएम सदर अनिल कुमार, डीपीआरओ अमित कुमार त्यागी, डीपीओ ,ईओ रश्मि भारती मेले का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं पूरी कराते रहे।
मेले में गंदगी देख डीएम का पारा चढ़ा
मेले के उद्घाटन की पूर्व संध्या पर जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने एडीएम विवेक श्रीवास्तव, एसडीएम आदि के साथ मेले का निरीक्षण किया। उन्होंने दीपदान व गंगा आरती के लिए बनाए गए स्थान का जायजा लिया। मेले में कई स्थानों पर गंदगी मिलने पर डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने के आदेश एसडीएम को दिए। साधु-संतों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली तो उन्होंने इस बार की व्यवस्था की तारीफ की। कल्पवासियों की राउटियों में जाकर डीएम ने उनके हाल चाल पूछे। इस दौरान शौचालय की समस्या सामने आने पर जिलाधिकारी ने शीघ्र काम पूरा कराने का अल्टीमेटम दिया।
बंद होगा धीमरपुरा नाला
गंगा में अभी भी कुछ नालों का पानी सीधे गिर रहा है। इसको देखते हुए एसडीएम सदर ने ग्राम प्रधान सोताबहादुर व अमेठी कोहना को निर्देश दिए कि रामनगरिया मेले के दौरान ग्राम पंचायतों से आने वाले नालों का पानी गंगा में गिरने से रोका जाएगा। इसमें दिक्कत आने पर नगरपालिका का भी सहयोग लिया जाए। गंगा की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए।
संत ने जताई नाराजगी
पंचदशनाम आह्वान अखाड़ा काशी के संत सोमवारपुरी ने राजस्थान से यहां आकर कल्पवास शुरू कर दिया है। उन्होंने गंगा में गिरने वाले नालों का पानी को लेकर रोष व्यक्त किया। कहा कि प्रशासन एक माह कल्पवास के दौरान भी गंगा स्वच्छता के प्रति गंभीर नहीं है। जबकि सरकार इस पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि नालों का पानी गंगा में गिरने से न रोका गया तो संत समाज अनशन करेगा।
नाविकों को दिए गए परिचयपत्र
इस बार मेले के दौरान गंगा में चलने वाली नावों पर नंबर एलाट किए गए हैं। इसके साथ ही मेला प्रशासन ने नाविकों का पंजीकरण करने के साथ उन्हें परिचयपत्र भी जारी किए। इससे कोई दुर्घटना होने पर नाव के नंबर से नाविक को तलाश किया जा सके। कुल 50 नाविक पंजीकृत किए गए।