संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद।
विकास भवन स्थित कार्यालय में सीबीआई अधिकारी बनकर गए जालसाज ने डीपीआरओ पर रौब गांठकर धमकाने का प्रयास किया। हालांकि कुछ ही देर में बातचीत में उसकी पोल खुल गई। माहौल बिगड़ता देख वह वहां से खिसक गया।
कमालगंज क्षेत्र के गांव गदनपुर देवराजपुर में कराए गए विकास कार्यों में धांधली की शिकायत की गई थी। जांच में घपले की पुष्टि के बाद प्रधान के अधिकार सीज कर तीन सदस्यीय कमेटी बना दी गई। अंतिम जांच में लीपापोती होने के बाद कुछ दिन पूर्व प्रधान के अधिकार बहाल कर दिए गए। बुधवार शाम को एक 49 वर्षीय व्यक्ति विकास भवन के बाहर स्थित वार रूम में पहुंचा और खुद को सीबीआई का सदस्य बताकर गदनपुर देवराजपुर में बनाए गए शौचालयों की सूची मांगी। कर्मचारियों ने उसे डीपीआरओ कार्यालय से सूची मिलने की बात कहकर भेज दिया। इस पर वह विकास भवन पहुंचा और पंचायती राज विभाग के लिपिक के कक्ष में जाकर खुद को सीबीआई का अधिकारी बताया। कहा कि डीपीआरओ से जांच के संबंध में मिलना है। कर्मचारियों ने उसे डीपीआरओ (जिला पंचायत राज अधिकारी) अमित त्यागी के पास भेज दिया। बातचीत के दौरान उसे जिलाधिकारी का नाम लेते हुए कहा कि जांच सही नहीं हुई। रौब गांठते हुए शौचालय की सूची उपलब्ध कराने को कहा। डीपीआरओ ने लिखित में मांगने को कहा और शक होने पर गहनता से पूछताछ की तो भाग गया।