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...और रोडवेज बस स्टैंड पर चालक-परिचालकों के लिए बन गया विश्राम कक्ष

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रोडवेज बस अड्डे पर चालक व परिचालकों का बना विश्राम कक्ष। - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद रोडवेज बस स्टैंड पर रात में रुकने वाली बसों के चालकों-परिचालकों के लिए कागजों में चल रहे विश्राम कक्ष के मामले में अधिकारी जाग ही गए। ‘अमर उजाला’ ने चालक-परिचालकों की पीड़ा को जब प्रमुखता से उठाया, तो तीसरे ही दिन सुविधा हकीकत में बदल गई। कैंटीन कक्ष में छह तख्तों पर रजाई-गद्दे, बेडशीट, तकिया भी लगा दिए गए। दिन में भी स्टाफ के लोग आराम करते दिखे।
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उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम बस स्टैंड पर रात में रुकने वाली बसों के चालकों-परिचालकों को रजाई-गद्दे समेत सभी सुविधाओं के लिए बजट उपलब्ध कराता है। यह बजट कहां उपयोग किया जा रहा था किसी को नहीं पता। मजबूर चालक-परिचालक भीषण ठंड में बसों में ही रात गुजारने को मजबूर थे।
इसको लेकर ‘अमर उजाला’ ने शुक्रवार को ‘रैन बसेरा के रजाई-गद्दों से बना दिया रेस्ट रूम’ और शनिवार को ‘विश्राम कक्ष से रजाई-गद्दे गायब’ शीर्षक से फोटो सहित खबरें प्रकाशित कीं। इसके बाद स्थानीय डिपो के अफसरों ने सुध ले ली। आनन-फानन में चार के स्थान पर छह तख्त की व्यवस्था कर दी गई।
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उन पर नई रजाइयां, गद्दे, तकिया और बेडशीट भी बिछा दी गईं। यही नहीं सभी बिस्तरों पर उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम भी काले मार्कर से लिखा गया है। पहली बार विश्राम कक्ष की सुविधा मिलने से चालक-परिचालक खासे खुश नजर आए।
एआरएम अंकुर विकास ने रोडवेज बस स्टैंड पर बने विश्राम कक्ष में आराम कर रहे चालकों-परिचालकों की ब्रीथ एनालाइजर से अल्कोहल की जांच की। एआरएम ने बताया कि वह बीच-बीच में स्टाफ की जांच करते रहते हैं। निगम का सख्त निर्देश है कि कोई भी बस स्टाफ शराब पीकर ड्यूटी नहीं करेगा।
उन्हें यदि कोई शराब के नशे में मिलता है, तो सख्त कार्रवाई करते हैं। उन्होंने कहा कि विश्राम कक्ष की व्यवस्था थी। पहले एकांत स्थल था, इसलिए चालकों- परिचालकों के शराब पीने की सूचना मिल रही थी। इसलिए बड़ी जगह में यह व्यवस्था की गई है। अब किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
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