सातनपुर मंडी के विपणन शाखा क्रय केंद्र पर साफ किया जा रहा धान।
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फर्रुखाबाद। जनपद में धान खरीद का लक्ष्य भले ही पूरा हो गया है, लेकिन धान बेचने के लिए किसान अभी भी भटक रहे हैं। अधिकांश क्रय केंद्रों पर टोकन व्यवस्था फेल है। किसानों को यह कहकर लौटाया जा रहा है कि इस माह की बुकिंग फुल हो चुकी है। फरवरी में धान की तौल करानी हो तो इंतजार करो। इससे किसान समर्थन मूल्य पर अपना धान बेचने के लिए पंजीकरण के बावजूद तौल कराने के लिए जुगाड़ लगा रहे हैं। कई क्रय केंद्रों पर तो मनमानी के चलते लक्ष्य पूरा न होने पर भी तौल नहीं की जा रही है।
शासन से धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1868 और 1888 रुपये प्रति क्विंटल घोषित है। इसके लिए जिले में 18 क्रय केंद्र संचालित हैं। जनपद में 15 अक्तूबर से शुरू हुई धान खरीद का लक्ष्य 14 हजार मीट्रिक टन था। 4 जनवरी तक लक्ष्य के पार 14208.75 मीट्रिक टन खरीद हो चुकी है। इसके बावजूद धान बेचने के लिए किसान भटक रहे हैं। सातनपुर मंडी में आलू संघ के क्रय केंद्र पर तौल न होने से सन्नाटा था। वहीं एफसीआई केंद्र पर भी कोई किसान नहीं दिखा, जबकि खाद्य विपणन शाखा के क्रय केंद्र पर धान तौला जा रहा था। हालात ये हैं कि खाद्य विपणन शाखा व पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर लक्ष्य से डेढ़ गुने से भी अधिक धान खरीदा जा चुका है।
वहीं एफसीआई, यूपी एग्रो, एनसीसीएफ व नैफेड के क्रय केंद्रों पर खरीद में मनमानी हावी है। इससे इन केंद्रों का लक्ष्य पूरा न होने के बावजूद किसानों का धान नहीं लिया जा रहा है। खाद्य विपणन शाखा ने 5300 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 164.52 प्रतिशत 8719.21 मीट्रिक टन धान खरीद की। पीसीएफ ने 1500 के सापेक्ष 149.31 प्रतिशत 2239.59 मीट्रिक टन धान खरीदा। वहीं भारतीय खाद्य निगम (पीसीएफ) ने 1500 लक्ष्य के सापेक्ष 1196.08 मीट्रिक टन धान की खरीद की है।
यूपी एग्रो ने 700 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 4.89 प्रतिशत 34.24 मीट्रिक टन धान खरीदा है। वहीं एनसीसीएफ ने 2000 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 688.20 मीट्रिक टन व नैफेड ने 3000 के सापेक्ष 1331.34 मीट्रिक टन धान खरीद के बाद केंद्र ही बंद कर दिए। यह केंद्र 26 दिसंबर से बंद हैं।