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किसानों के लिए सपना 500 के नोट से खाद खरीदने का आदेश

Tue, 22 Nov 2016 10:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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500 को नोट न लेने पर मायूस लौटते किसान। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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1000, 500 रुपये के नोट से किसान खाद बीज खरीद सकता है। रिजर्व बैंक  का यह आदेश किसानाें के लिए सपना बना है। जिले भर की कोआपरेटिव की 72 शाखाओं में बीज और खाद के भंडार भरे पड़े हैं लेकिन यहां 500 और 1000 नोट लेने पर पाबंदी लगा है।
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किसानों को आदेश के बाद भी खाद बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।किसान आलू और गेहूं की बुवाई के लिए अपने निकट की साधन सहकारी समितियों से खाद और बीज खरीद लेता था। इस बार कोआपरेटिव की इन शाखाओं पर 1000 और 500 के नोट पर रोक लगा देने से गोदामों में बीज और खाद सड़ रहे हैं।

वहीं, किसानाें के खेत खाली पड़े हैं। मौजूदा समय में इन साधन सहकारी समितियों में 2007 क्विंटल गेहूं बीज का भरा पड़ा है और यूरिया 3235 मीट्रिक टन एमपी के 3646 मीट्रिक टन बीएपी 24013 मीट्रिक टन का भंडार भरा पड़ा है। साधन सहकारी समिति जहानगंज के सचिव नरेश यादव का कहना है, कि उनके यहां पर्याप्त मात्रा में गेहूं और खाद का स्टाक है लेकिन नोट पर रोक लगा देने से वह किसानों को गेहूं नहीं दे पा रहे हैं।
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इस क्षेत्र में आने वाले ग्राम सभा बंथल शाहपुर के किसान शमीम खां का कहना है कि 500 का नोट साधन सहकारी समितियों पर नहीं लिया जाता है। प्राइवेट खाद और बीज विक्रेता किसी भी हालत में 500 का नोट नहीं ले रहे है। इफ्को व अन्य खाद एजेंसियां भी नोट नहीं ले रही हैं।

इफ्को केंद्र सातनपुर के प्रभारी सतेंद्र सिंह का कहना है कि यहां भी स्टाक भरा है लेकिन नोट के चक्कर में खाद की बिक्री नहीं हो पा रही है। यहां यूरिया लेने आए निनौआ के कुलदीप, नगला डाल के विनोद कुमार, हिसामपुर के नीरज, झंसी के रामसागर का कहना है कि 500 का नोट नही लिया जा रहा है।

वह गेहूं का बीज यूरिया और डीएपी खाद खरीदने आए थे वापस लौट रहे है।  गांव सभा कुम्हौली के किसान नरेंद्र द्विवेदी का कहना है कि वह 500 का नोट लिए खाद की निजी दुकानों पर भटकते रहे लेकिन उन्हें खाद उपलब्ध नहीं हो सकी। सबसे पहले वह साधन सहकारी समिति पर गए जहां उनसे कह दिया गया कि 500 का नोट लेने का उन्हें कोई आदेश नही मिला है।

ग्राम सभा ताजपुर के रहने वाले किसान नेत्रपाल सिंह का कहना है कि पहले नोट पर रोक लगाना और बाद में उसे खाद, बीज के लिए चालू कर देना दिल्ली से दौलताबाद राजधानी करना साबित हो रहा है। साधन सहकारी समितियों पर और निजी दुकानों पर कोई 500 के नोट के एवज में खाद बीज नहीं दे रहा है। सुबह से शाम तक वह मंगलवार को बाजार के चक्कर काटते रहे लेकिन उन्हें खाद बीज उपलब्ध नहीं हुआ है।


बोले जिम्मेदार
कोआपरेटिव की शाखाओं साधन सहकारी समितियों पर ही सबसे ज्यादा किसान अपने सुविधानुसार खाद बीज खरीदते थे। इन समितियों पर 500 और 1000 के नोट लेने पर रोक लगी हुई है। हालात यह है कि जिले भर की 72 सहकारी समितियों में खाद बीज के भंडार भरे हुए है। किसान के खेत बोने के लिए पड़े है।
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(संतोष सिंह यादव, सहायक निबंधक जिला सहकारी समितियां)
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