कमालगंज। बीज शोधन की खराब दवा के छिड़काव से 10 किसानों की 200 बीघा आलू की फसल बर्बाद हो गई। इसके चलते किसानों की लागत में लगी लाखों की रकम डूब गई। किसान आलू की खराब फसल खेतों में जुतवाने की तैयारी कर रहे हैं। किसानों ने दवा विक्रेता के खिलाफ तहरीर दी है।
ब्लॉक क्षेत्र के कुंदन गनेशपुर व पास के गांवों में बीज शोधन की खराब दवा से 10 किसानों के खेत में आलू नहीं जमा। किसानों द्वारा दुकानदार से आपत्ति किए जाने पर विवाद के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया। जमीन में जड़ें न फैलने व ऊपर किल्ला न आने से किसानों को लाखों का नुकसान हो गया। कुछ किसानों ने गाड़े गए आलू को खेत में ही जुतवा दिया।
किसानों का आरोप है कि दुकान से बीज शोधन की खराब दवा दी गई। दवा के स्प्रे के बाद खेत में गाड़े गए बीज में अंदर की ओर न तो जड़ें निकलीं और न ही ऊपर की ओर किल्ला बढ़ा।
जहानगंज थानाध्यक्ष जितेंद्र पटेल ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। चौकी इंचार्ज अच्छेलाल पाल का कहना है कि तहरीर मिली है, जांच हो रही है।
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कंतला निवासी बीएड प्रशिक्षित युवा किसान प्रभात राजपूत ने कहा निजी फायदे के लिए दुकानदार ने बीज शोधन की गलत दवा दे दी। इस वजह से 30 दिन बाद भी आलू नहीं जमा।
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किसान देवराज सिंह ने बताया कि 13 बीघा आलू बोया था। फसल नहीं आई है खेत को जोतना अब मजबूरी है। फसल को लगाने में काफी लागत आई थी। बर्बाद फसल का मुआवजा दुकानदार से मिलना चाहिए।
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कश्मीर सिंह ने बताया कि कर्ज लेकर 10 बीघा खेत में आलू बोया था। खराब दवा के छिड़काव से फसल बर्बाद हो गई।
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कंतला निवासी बृजनंदन सिंह ने बताया कि जहानगंज थाने की राजपूताना स्कूल पुलिस चौकी इंचार्ज को दी तहरीर दी है। दुकानदार से 26 अक्तूबर को 800 रुपये की बीज शोधन दवा ली थी। 125 पैकेट आलू बीज को दवा से शोधित कर आलू गाड़ा। दवा से किल्ले मर गए और आलू नहीं जमा।