मोबाइल की रोशनी में काम करते फार्मासिस्ट।
- फोटो : सहार के पुर्वा दानशाह में खराब पड़ा वाटर कूलर।
फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल के बिजली विभाग की लापरवाही से इमरजेंसी में 19 घंटे पंखे बंद रहे। सुबह तीन घंटे बिजली न होने से ब्लैक आउट रहा। भर्ती होने वाले मरीज बिलबिलाते रहे। शिकायत के बावजूद इलेक्ट्रीशिनय ने ध्यान नहीं दिया। इससे मोबाइल की रोशनी में चार घंटे तक काम किया गया।
लोहिया अस्पताल की बिजली व्यवस्था बदहाल है। ओपीडी, एक्सरे और लैब की बिजली समस्या का सही निदान अभी तक नहीं हो पाया है। इसके बीच शुक्रवार शाम करीब पांच बजे इमरजेंसी के सभी पंखे और लाइटें बंद हो गईं। कुछ देर बाद दो कमरों की तीन लाइटें जल गईं, लेकिन पंखे नहीं चले।
ड्यूटी फार्मासिस्ट जितेंद्र सिंह की शिकायत पर इमरजेंसी प्रभारी डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने अस्पताल के इलेक्ट्रीशियन पवन तिवारी को सूचना दी। लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। पूरी रात भर्ती होने वाले मरीज गर्मी से बेहाल रहे। स्टाफ मरीजों का प्राथमिक उपचार करने के बाद तुरंत ही उन्हें वार्डों में भेजता रहा। शनिवार सुबह करीब नौ बजे इमरजेंसी की बिजली भी गुल हो गई। लिहाजा फार्मासिस्ट जावेद खान ने मोबाइल की रोशनी में काम किया। दोपहर करीब 12 बजे बिजली व्यवस्था दुरुस्त होने पर चिकित्सक, कर्मचारियों के अलावा मरीजों ने राहत की सांस ली।
ओपीडी का पर्चा काउंटर भी हुआ बंद, हंगामा
ओपीडी की सुबह करीब 11 बजे बिजली गुल हो गई। जनरेटर चलाने में लेटलतीफी के चलते पर्चा काउंटर के कंप्यूटर बंद हो गए। भीड़ होने की वजह मरीजों ने हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल के कर्मचारी समझाते रहे। इसी दौरान ई-अस्पताल प्रभारी विवेक राना ने पहुंचकर कंप्यूटर चलाने का नाकाम प्रयास किया। गनीमत रही कि बिजली आने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
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इमरजेंसी में बिजली समस्या की जानकारी उन्हें नहीं दी गई। वह इस मामले को पता करवाएंगे। वहां इन्वर्टर मेंं कोई खराबी आने की बात बताई गई है। अब ऐसी व्यवस्था करेंगे, जिससे दिक्कत न आए। - डॉ. अशोक प्रियदर्शी, सीएमएस, लोहिया पुरुष अस्पताल