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Farrukhabad News: प्रसूता की मौत पर परिजन का हंगामा

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फर्रुखाबाद। निजी अस्पताल में ऑपरेशन से जुड़वां बेटों को जन्म देने के बाद प्रसूता की मौत हो गई। परिजन ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। हंगामे के बाद अस्पताल का स्टाफ भाग गया। पुलिस ने समझाकर शांत किया। अच्छे अस्पताल में इलाज न करवाने का आरोप लगाकर मायके वालों ने ससुरालियों को जमकर खरीखोटी सुनाई।
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नवाबगंज के मोहल्ला नया गनीपुर निवासी अमन गोस्वामी की पत्नी अंजली (20) को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार सुबह चार बजे लकूला रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसने सुबह सात बजे ऑपरेशन से दो जुड़वां बेटों को जन्म दिया। दोपहर 12 बजे के करीब अंजली बातचीत कर रही थी। बताते हैं कि शाम सात बजे के करीब उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई।
अस्पताल प्रशासन ने परिजन से अंजली को बाहर ले जाने की बात कही। परिजन एक निजी अस्पताल लेकर गए, मगर वहां इनकार कर दिया। इसके बाद वह दोबारा अस्पताल पहुंचे। कर्मचारियों ने दुर्व्यवहार शुरू कर दिया। इससे गुस्साए परिजन ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगा हंगामा शुरू कर दिया। कुछ ही देर में अस्पताल स्टाफ भाग गया। अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजन को समझाकर शांत किया।
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आधीरात के बाद शव लोहिया अस्पताल पहुंचाया। मंगलवार तड़के हरदोई के शाहबाद निवासी मायके वाले पहुंच गए। उन्होंने ससुरालियों पर अच्छे अस्पताल में प्रसव न कराने का आरोप लगाकर विवाद शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने बीच में पड़कर मामला शांत कराया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। अंजली के ताऊ ससुर हरिओम गोस्वामी ने बताया कि ऑपरेशन के बाद बहू स्वस्थ थी। ग्लूकोज चढ़ रही थी उसी समय एक इंजेक्शन लगाते ही उसकी हालत बिगड़ने लगी थी। इलाज में लापरवाही बरती गई। हम रिश्तेदारों में आपसी बातचीत हो गई है। फिलहाल तहरीर नहीं दी है। थानाध्यक्ष कपिल कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अध्ययन करके तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
आशा कार्यकर्ता लेकर आई थी निजी अस्पताल
अंजली के ताऊ ससुर ने बताया कि उनके क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता ने ही निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वह अधिकांश गर्भवती को सलाह देती रहती हैं। हम परिवार के लोग अच्छाई के लिए उनकी बात मानकर अस्पतालों में भर्ती करवा देते हैं। क्या पता था कि उनके साथ बुरा हो जाएगा।
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