फोटो-35 अमैयापुर पुलिया पर बह रहा बाढ़ पानी से निकलता बाइक सवार। स्रोत पाठक
अमृतपुर। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 137.10 मीटर से पांच सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। वहीं रामगंगा खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर मीटर नीचे है। रामगंगा का जलस्तर बढ़ने अमैयापुर पुलिया के ऊपर आधा फीट पानी तेज बहाव से बहने लगा है। बाढ़ का पानी खेतों व गांव की गलियों में भरने से ग्रामीण नाव का सहारा लेकर जरूरी सामान लेने के लिए आते-जाते हैं।
गंगा के साथ रामगंगा भी उफनाने लगी हैं। रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से हीरानगर, गुलरिया भावन की मड़ैया, गैहलार में पानी भर गया हैं। अमैयापुर पुलिया के ऊपर पानी बहने से अब ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर और बढ़ा तो करीब दस गांव का रास्ता बंद हो जाएगा। रामगंगा के किनारे के गांव की फसल में पानी भरने से नष्ट हो गई है। मंगलवार को रामगंगा का जलस्तर 136.85 मीटर से बढ़कर 136.95 मीटर पर पहुंच गया है। खतरे के निशान 137.10 मीटर से 15 सेंटीमीटर दूर रहा गया है। खो हरेली रामनगर बैराज से 16,660 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा का जलस्तर 137.10 से बढ़कर 137.15 मीटर पर पहुंच गया है। नरौरा बांध से गंगा में 1,05,633 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा में पुनः बाढ़ आने से पानी से घिरे गांव की गलियों में नाव चल रही है। ग्रामीणों को घर से आने जाने लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा हैं। एक माह से अधिक बाढ़ का कहर झेल रहे ग्रामीणों के सामने एक वक्त की रोटी का जुगाड़ करना भी मुश्किल हो रहा है। ग्रामीण सूरजपाल, जगदीश, पुष्पेंद्र, शीशराम, सुरेश चंद्र, ब्रजपाल सिंह मुनेश आदि ग्रामीणों का कहना है कि गंगा में दोबारा बाढ़ आने से परेशानी बढ़ा दी है। खेतों में जो फसल थी वह नष्ट हो गई। सबसे बड़ा पशुओं के चारे का संकट बना हुआ है। बाढ़ समाप्त हो जाती तो गंगा की कटरी में ही चारे की व्यवस्था हो जाती ।
फोटो-35 अमैयापुर पुलिया पर बह रहा बाढ़ पानी से निकलता बाइक सवार। स्रोत पाठक