फर्रुखाबाद। कायमगंज स्टेशन पर फर्जी प्वाइंटमैन की हरी झंडी अब स्टेशन के कई अधिकारियों को नौकरी से लाल सिग्नल दिखाएगी। रेल यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ के मामले में डीआरएम ने जांच शुरू करा दी है। जिस अवधि में फर्जी प्वाइंटमैन ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई, उस अवधि के स्टेशन मास्टर और स्टेशन अधीक्षकों पर भी कार्रवाई की संभावना है। कई और अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।
कायमगंज रेलवे स्टेशन पर बुधवार को प्वाइंटमैन रामबेटी की जगह ठेकाकर्मी हरिनाथ को झंडी दिखाते पकड़ा गया था। दोनों को जेल भेजा जा चुका है। डीआरएम आशुतोष पंत ने विभागीय जांच शुरू करवा दी है। रेलवे संरक्षा से जुड़े गंभीर मामले में जांच शुरू होने केे बाद अधिकारियों की सासें अटकने लगी हैं। जांच अधिकारी सबसे पहले हरिनाथ के कार्यकाल की सत्यता की जांच करेंगे। इससे जितने साल उसने रामबेटी की जगह हरिनाथ ने ट्रेनों को झंडी दिखाई उस अवधि में कायमगंज स्टेशन पर तैनात रहे स्टेशन मास्टर, स्टेशन अधीक्षकों पर भी कार्रवाई की संभावना है।
दरअसल उपस्थित रजिस्टर स्टेशन अधीक्षक के कक्ष में होता है। रामबेटी हस्ताक्षर करने वहीं जाती थी। रजिस्टर पर तो उसके हस्ताक्षर होते थे लेकिन प्लेटफार्म पर झंडी हरिनाथ दिखाता था। स्टेशन के कुछ कर्मियों का तो ये भी कहना है कि रामबेटी पांच-पांच दिन के हस्ताक्षर एक साथ करती थी।
यातायात निरीक्षक की भूमिका भी संदिग्ध
रेलवे यात्रियों की सुरक्षा में सबसे ज्यादा खर्च करती है। इसके लिए स्टेशनों पर गेटमैन, संटिंग मैन, प्वाइंटमैन, केबिनमैन, स्टेशन मास्टर और स्टेशन अधीक्षकों की तैनाती होती है। यह सभी विभागों की मॉनीटरिंग के लिए फर्रुखाबाद से गंजडुंडवारा तक यातायात निरीक्षक तैनात हैं। यह हर वक्त कर्मियों पर पैनी नजर रखते हैं। मगर कई सालों से फर्जी प्वाइंटमैन के नौकरी करने का मामला उन्होंने भी नहीं पकड़ा। माना जा रहा है कि वह भी किसी विशेष कारणों के चलते यह कार्य जानबूझ कर करवा रहे थे।
वर्जन
डीआरएम ने विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। फर्जी प्वाइंटमैन का नौकरी करना जिम्मेदारों की जानकारी में जरूर होगा। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होना तय है।
-राजेंद्र सिंह, पीआरओ, डीआरएम इज्जतनगर।