फर्रुखाबाद। बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारित करने में कमियां सामने आ रही है।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज राजेपुर को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है। जबकि कॉलेज में न तो पर्याप्त फर्नीचर है और न ही कक्षाएं सीसीटीवी कैमरों से लैस हैं। शिक्षक भी दूसरे कॉलेजों से आकर छात्राओं को पढ़ाते हैं।
कॉलेज में इस मर्तबा हाईस्कूल की 340 व इंटर की 234 छात्राओं को परीक्षा देनी है। इसमें विद्यालय की भी 94 छात्राएं शामिल हैं। बोर्ड ने कॉलेज को केंद्र तो बना दिया, लेकिन यहां की अव्यवस्थाओं की ओर ध्यान नहीं दिया। कॉलेज के प्रधानाचार्य और एक शिक्षिका को महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज से सबंद्ध किया गया है। एक शिक्षिका की आयोग से तैनाती हुई है। प्रधानाचार्य दीपिका राजपूत ने बताया कि अंतिम सूची में कॉलेज को परीक्षा केंद्र न बनाने का अनुरोध किया था, लेकिन कॉलेज को केंद्र बना दिया गया है। फर्नीचर व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरा लगवाने के संबंध में डीआईओएस को पत्र भेजा है।
कॉलेज में फर्नीचर की कमी को देखते हुए शिक्षिका अनुसुइया के प्रयास से आईएएस अवधेश त्रिवेदी ने दो माह पूर्व ही छात्राओं के लिए 40 डेस्क उपलब्ध कराई थी। आईएएस फतेहगढ़ निवासी अधिवक्ता हरिबाबू के बेटे हैं।
जीजीआईसी राजेपुर को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इसमें करीब 40 सीसीटीवी कैमरा और 250 डेस्क के बजट के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था। इस संबंध में दोबारा फिर मांग पत्र शासन को भेजा गया है।
डॉ. आदर्श कुमार त्रिपाठी, डीआईओएस