फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Farrukhabad News: हाईकोर्ट में भी पुलिस ने नहीं छोड़ा था प्रीति का पीछा

Wed, 15 Oct 2025 12:45 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
विज्ञापन
फोटो-20, मनोज का फाइल फोटो।
विज्ञापन
फर्रुखाबाद/कायमगंज। दो लोगों को छह दिन तक अवैध हिरासत में रखने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को सख्त रुख दिखाया।
विज्ञापन

दरअसल एडवोकेट संतोष पाण्डेय ने फतेहगढ़ निवासी प्रीति यादव की तरफ से एक हैवियस काॅर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण अवैध ढंग से हिरासत में रखना) याचिका दाखिल की थी।
इसके बाद आठ सितंबर को कायमगंज थाने की पुलिस रात में प्रीति यादव के घर में घुस गई। पुलिस टीम में थाना प्रभारी अनुराग मिश्रा, सीओ समेत चार-पांच पुलिस वाले शामिल थे। यह लोग लगातार जिले के एसपी से बात कर रहे थे। यहां से पुलिस ने प्रीति के परिवार के दो लोगों को हिरासत में ले लिया। इन दोनों को पुलिस ने करीब एक सप्ताह तक हिरासत में रखा।
विज्ञापन


14 सितंबर की रात पुलिस पुलिस ने इन्हें छोड़ दिया। दोनों को छोड़ने से पहले पुलिस ने दबाव बनाकर इनसे एक बयान लिखवा लिया। इसमें लिखा था कि हमने कोई मुकदमा नहीं किया। हमें कोई शिकायत नहीं है और न ही किसी तरह की शिकायत करेंगे।



पुलिस ने यही जवाब हाईकोर्ट में लगाया। लेकिन कोर्ट ने पुलिस की बात नहीं मानी और पिटीशनर को बुला लिया। कोर्ट ने प्रीति की पूरी बात सुनी। इसके बाद नाै अक्तूबर को एक आदेश जारी कर एसपी, सीओ कायमंगज और एसएचओ को कोर्ट में उपस्थित होने के लिए कहा।

इसके बाद 11 अक्तूबर को साै पुलिस वाले फर्रुखाबाद में वकील अवधेश मिश्रा (प्रीति यादव के स्थानीय कोर्ट में वकील) के यहां पहुंच गए और तोड़फोड़ की। घर का सामान फेंक दिया। यही नहीं सीसीटीवी तोड़कर डीवीआर भी उठा ले गए। इसके बाद अवधेश मिश्रा की तरफ से हाईकोर्ट में एफीडेविट दाखिल किया गया। जिस पर मंगलवार को जस्टिस मुनीर और संजीव कुमार की खंडपीठ ने सुनवाई की जिसके बाद पुलिस अधिकारियों को कल डीटेल जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया।
पुुलिस ने जबरन लिखवाया-कोई कार्रवाई नहीं करोगे
मामले में याचिकाकर्ता को धमकाने और परिजनों को एक सप्ताह तक हिरासत में रखने पर जब पीड़िता ने स्थानीय पुलिस और एसपी से शिकायत की तो उसे जिल्लत ही मिली। इसके बाद प्रीति यादव ने हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुत कर मामले में न्याय की गुहार लगाई। याचिकाकर्ता ने बताया कि पुलिस ने उसके परिजनों को 8 सितंबर की रात करीब 9 बजे घर से उठा लिया।
काफी कहासुनी के बाद भी उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। एक सप्ताह बाद कोई कार्रवाई न करने की धमकी दे कर छोड़ दिया। प्रीति यादव ने आरोप लगाया कि इस दौरान पुलिस कई कागजों पर जबरन दस्तखत भी कराए थे कि कोई कार्रवाई नहीं करोगे।
मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस को याचिकाकर्ता को न धमकाने और न ही संपर्क करने की चेतावनी दी थी। 14 अक्तूबर को हाईकोर्ट में पेशी के दौरान प्रीति यादव ने पुलिस पर धमकाने का आरोप लगाया। इस पर कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया।
विज्ञापन





दो दिन पहले ही चौकी प्रभारी लाइन हाजिर

कायमगंज। नई काॅलोनी रेलवे रोड निवासी मनोज पर हुए हमले के मामले में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद नगर चौकी प्रभारी नागेंद्र सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया। उधर, पूरा मामला तब उजागर हुआ जब प्रीति यादव ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की और आरोप लगाया। हाईकोर्ट ने इसे न्यायिक प्रक्रिया में अवैध हस्तक्षेप माना और पुलिस अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद एसपी आरती सिंह ने सबसे पहले चौकी प्रभारी नागेंद्र सिंह को दो दिन पहले ही चार्ज से हटाकर लाइन हाजिर कर दिया गया। (संवाद)

फोटो-20, मनोज का फाइल फोटो।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें