घरों में पढ़ी ईद-उल-अजहा की नमाज
फर्रुखाबाद। ईद-उल-अजहा का पर्व शनिवार को सादगी के साथ मनाया गया। इस दौरान ईदगाह में ताले लगे रहे। मस्जिदों में सिर्फ पांच-पांच लोगों ने नमाज की रस्म अदा की। संक्रमण से बचने को लोग बाहरी लोगों से गले मिलने से परहेज करते दिखे। शहर भर में पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। एसपी भी भ्रमण करते रहे।
कोरोना महामारी का बकरीद के त्योहार पर भी असर दिखाई दिया। सुबह सात से आठ बजे के बीच सरकारी निर्देशों के अनुसार मस्जिदों में पांच-पांच लोगों ने ही नमाज अदा की, जबकि अधिकतर ईदगाहों में ताले लगे रहे। त्योहार सादगी के साथ मनाया गया। घरों में लोगों ने खुदा के बारगाह में हाथ उठाकर कोरोना के खात्मे की दुआ की। नमाज के बाद कुर्बानी दी गई।
लोग अपने परिवार और खास लोगों से ही गले मिले। शहर काजी सैय्यद मुताहिर अली ने भी पांच नमाजियों के साथ नमाज अदा की। देर शाम तक मुबारकबाद देने का सिलसिला चलता रहा। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जामा मस्जिद, तहसील तिराहा समेत सभी मस्जिदों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रखे।
एसपी डा. अनिल मिश्र ने फतेहगढ़ और फर्रुखाबाद में बीबीगंज तक सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार मौर्य, सीओ सिटी मन्नीलाल गौंड, कोतवाल वेदप्रकाश पांडेय, मऊदरवाजा इंस्पेक्टर जेपी शर्मा भी दिन भर गश्त पर रहे। अफसरों ने धर्मस्थलों का जायजा भी लिया।
कमालगंज प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे के लोग नगला दाऊद सरैया स्थित ईदगाह पर बकरीद की नमाज भी पढ़ते हैं। पाबंदियों से इस बार घरों पर ही सुबह 6.30 के बाद नमाज पढ़ी गई। इसके बाद कुर्बानी दी गई।
शेखपुर और अमानाबाद के बीच स्थित ईदगाह में शेखपुर, अमानाबाद, गौसपुर, देवराजपुर, जीरागौर के लोग ईद और बकरीद की नमाज पढ़ते हैं। इन लोगों ने भी घर में ही नमाज पढ़ी। जरारी, भड़ौसा, ईशापुर, राजेपुर सरायमेंदा में भी यही व्यवस्था रही। मौलाना अब्दुल मुबीन नूरी का कहना था कि पूरे ब्लाक क्षेत्र में घरों में ही बकरीद की नमाज हुई। दरगाहे मख़दूमिया व अहसनी महमूदी में भी पाबंदियों का सम्मान किया गया।
न लगे मेले और न दिखी सड़कों पर भीड़
हर साल बकरीद के दिन ईदगाहों, मस्जिदों के बाहर और सड़कों पर रौनक रहती थी। इस बार सन्नाटा पसरा रहा। न कहीं बच्चों के लिए झूले, मेले लगाए गए और न ही कोई सबीलें लगीं। सबीलों में सबसे ज्यादा गरीब तबके के लोगों की सहायता हो जाती थी, मगर इस दफा ऐसा न हो सका।
पुलिस ने की चौराहों, तिराहों पर चेकिंग
सभी चौराहों, तिराहों पर लगे पुलिस बल ने कड़ाई से चेकिंग की। जो भी लोग बिना मास्क, हेलमेट के दिखाई दिए, उनका चालान काटा गया। चूंकि शनिवार को लॉकडाउन था, तो सवारियां ले जाते मिले टेंपो के चालान भी लालगेट पर टीएसआई की टीम ने काटे।
कोरोना वायरस के खात्मे की मांगी गई दुआ
कायमगंज। ईद-उल-फितर की नमाज की तरह इस बार बकरीद की नमाज भी घरों में ही अदा की गई। इसमें भी सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा गया। नमाज के बाद लोगों ने अपने घरों पर परंपरागत तरीके से कुर्बानी दी। कुर्बानी के बाद सभी ने अपने रिश्तेदार व सगे संबंधियों में तबर्रुख तकसीम किया।
नमाज से पहले ही धर्मगुरुओं ने लोगों से अपील की थी कि सरकार की गाइडलाइन को देखते हुए बकरीद सादगी से मनाएं। हाफिज आबिद अली ने कहा बकरीद सच्चाई की राह में अपना सब कुछ कुर्बान करने का पैगाम देती है।
मोहल्ला छपट्टीज की मस्जिद, जामा मस्जिद, जटवारा की मस्जिद आदि में इंतजामिया कमेटी के लोगों ने ही नमाज अदा की। इंस्पेक्टर डॉ. विनय राय फोर्स के साथ शांति व्यवस्था बनाए रखने को गश्त करते रहे।