मुठभेड़ में दबोचे ट्रक चालकों से लूट के चार आरोपी
फर्रुखाबाद। बरेली-इटावा हाईवे पर गुरुवार रात ट्रक चालकों से मारपीट कर लूट करने में मैनपुरी के चार शातिरों को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है। शातिर जनपद के अलावा हरदोई, शाहजहांपुर, मैनपुरी, कन्नौज में भी ट्रक चालकों को लूट चुुके हैं। इनके पास से चार अवैध असलहे, कारतूस, बाइक, दो हजार रुपये व लुटे चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस बरामद हुए हैं।
शनिवार को एसपी डॉ. अनिल मिश्र ने पुलिस लाइन के सभागार में बताया कि 29 जुलाई की रात जनपद इटावा के थाना ऊसराहार गांव किशनपुरा निवासी ट्रक चालक कौशलेंद्र के अलावा मध्य प्रदेश के दो ट्रक ड्राइवरों से ईको कार में सवार बदमाशों ने मारपीट कर बरेली-इटावा हाईवे पर लूटपाट की थी। गांव सकवाई स्थित नीबकरोरी ढाबा मालिक सचिन की सूचना पर पुुलिस मौके पर पहुंची और बदमाशों का पीछा भी किया था।
गाय के सामने आ जाने से बदमाशों की कार पलट गई और वे फायरिंग करते हुए फरार हो गए थे। इसके बाद बदमाशों की तलाश में एसओजी को लगाया गया। शनिवार सुबह ताजपुर रोड पर लक्ष्मण सिंह के भट्ठे के पास बदमाशों के होने की सूचना पर कोतवाल राकेश कुमार व एसओजी प्रभारी दिनेश गौतम ने घेराबंदी की। बदमाशों के फायरिंग करने पर पुलिस ने जवाबी फायरिंग करते हुए चारों को पकड़ लिया।
पकड़े गए बदमाश जनपद मैनपुरी थाना बेवर के गांव मोहनपुर निवासी अजय चौहान, गांव चिराबल निवासी अवनीश उर्फ सोनू, अभिषेक उर्फ निक्कू, थाना भदेई के गांव फत्तेपुर निवासी सौरभ हैं। इनके पास से अधिया(तमंचे), दो तमंचे, चार कारतूस, दो हजार रुपये, बाइक, ट्रक चालकों के लाइसेंस, पैनकार्ड बरामद हुए हैं। इससे पहले यह लोग मैनपुरी, हरदोई, शाहजहांपुर, कन्नौज में कई ट्रक चालकों से लूट कर चुके हैं। एसपी ने बताया कि खुलासा करने वाली टीम को इनाम दिया जाएगा।
शौक पूरे करने के लिए करते थे घटनाएं
प्राइवेट नौकरी करने वाले चारों युवक कोरोना के कारण बेरोजगार हो गए थे। अपने शौक पूरे करने के लिए चारों लोग अवैध असलहे लेकर कार से रात में घूमने निकलते थे। ट्रक को ओवरटेक कर कट मारने का आरोप लगाकर ट्रक रुकवाकर चालक से मारपीट कर लूट करते थे। एक रात में चार से पांच ट्रक चालकों से लूट के बाद घर चले जाते थे। घटना के दो दिन बाद फिर से लूट करने के लिए निकलते थे।
खुलासा हो गया तो लूट में तरमीम हो गया मारपीट का मुकदमा
- गुरुवार रात ट्रक चालकों से हुई लूट के बाद मोहम्मदाबाद कोतवाली में चालक कौशलेंद्र की तहरीर पर मारपीट व जानमाल की धमकी का मुकदमा दर्ज किया गया था। जब लुटेरे पकड़ लिए तो मुठभेड़ भी हो गई और मुुकदमे में लूट की धारा भी बढ़ा ली गई है। मामले का खुलासा नहीं होता तो मारपीट व धमकी के मुकदमे में पुलिस किसी के पता न चलने पर फाइनल रिपोर्ट लगाकर पल्ला झाड़ लेती।
कोतवाल कोरोना से संक्रमित फिर दबिश में कैसे शामिल
मोहम्मदाबाद कोतवाल की छह दिनों पहले कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई और वह आइसोलेट हो गए। कोतवाली का चार्ज दरोगा अमित शर्मा के पास है। तो फिर मुठभेड़ में संक्रमित होने के बाद भी कोतवाल राकेश कुमार कैसे शामिल हो गए। इस सवाल का जवाब अधिकारी नहीं दे सके।